#अपराध
July 25, 2025
हिमाचल: नशे की लत ने दो युवकों को बना दिया चोर, अपने ही पड़ोस के घर में कर दी लाखों की चोरी
चिट्टे के आदी दो युवकों ने एक घर से की थी लाखों की चोरी
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हमीरपुर। हिमाचल के हमीरपुर जिला में चोरी की एक घटना ने युवाओं के बीच बढ़ते नशे के खतरे की गंभीरता को उजागर कर दिया है। पुलिस ने चोरी के आरोप में पकड़े दो युवकों से जब पूछताछ की तो उनकी बातों को सुनकर पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोपियों के अनुसार वह नशे के आदी हैं और चिट्टा खरीदने के लिए ही उन्होंने चोरी की घटना को अंजाम दिया था।
दरअसल हमीरपुर सदर पुलिस थाना के तहत कृष्णानगर क्षेत्र में हाल ही में एक घर में चोरी हुई थी। इस चोरी के आरोप में पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया। पकड़े गए दो युवकों की पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दोनों आरोपी चिट्टे के आदी पाए गए हैं। इतना ही नहीं एक आरोपी पर तो पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इन्हें अदालत में पेश कर तीन दिन की रिमांड पर लिया है।
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21 जुलाई को कृष्णानगर निवासी हिना ने सदर थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी कि रात को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर में घुसकर सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और कंप्यूटर, नकदी समेत अन्य सामान चुरा लिया। पुलिस ने जब मौके की जांच की तो सीसीटीवी कैमरों की क्षतिग्रस्त फुटेज को रिकवर कर आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने सूरज शर्मा निवासी कृष्णानगर और ललित ठाकुर निवासी कोलहड़ी झनियारा हमीरपुर को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने चोरी हुए कंप्यूटर का सीपीयू बरामद कर लिया है, जबकि अन्य सामान की बरामदगी की प्रक्रिया अभी जारी है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि घर से चोरी किया गया लैपटॉप आरोपियों ने बेच दिया है।
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गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से सूरज शर्मा के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट, चोरी और मारपीट के पांच मामले दर्ज हैं। पुलिस को शक था कि दोनों आरोपी नशे की हालत में वारदात को अंजाम दे रहे हैं, इसी आधार पर उनका ड्रग टेस्ट करवाया गया। जांच में पुष्टि हुई कि दोनों युवक चिट्टे के आदी हैं। उनके रक्त के नमूने अब लैब में विस्तृत जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद नशा सेवन से संबंधित अलग केस दर्ज किया जाएगा।
यह मामला एक बड़ी सामाजिक चिंता की ओर इशारा करता है। प्रदेश में युवाओं के बीच चिट्टा, चरस और अन्य नशीले पदार्थों की पहुंच लगातार बढ़ रही है। नशे की गिरफ्त में फंस चुके युवा अब नशे की पूर्ति के लिए घर के सामान तक बेचने से पीछे नहीं हट रहे, और अब तो चोरी जैसे अपराधों में भी शामिल होने लगे हैं। यह केवल कानून.व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि एक सामाजिक संकट बनता जा रहा है।
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नशे की लत युवाओं की सोचने-समझने की क्षमता को खत्म कर रही है। बेरोजगारी, सामाजिक दबाव और अस्थिर पारिवारिक माहौल कई बार युवाओं को नशे की ओर धकेलते हैं, और एक बार इस दलदल में फंसने के बाद निकलना आसान नहीं होता। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर समय रहते इस सामाजिक बुराई पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले समय में इसके दुष्परिणाम और अधिक गंभीर हो सकते हैं।