#अपराध
August 9, 2026
हिमाचल में गाड़ी से मिली 15 लाख की चरस : फोरलेन पर 22 वर्षीय रवि समेत दो गिरफ्तार
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी पुलिस
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। घुमारवीं थाना क्षेत्र में पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम SDT ने एक गाड़ी से करीब 15 लाख की चरस बरामद की है।
इस मामले में पुलिस ने 22 वर्षीय युवक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई बलोह फोरलेन सड़क पर मल्यावर लिंक रोड के पास की है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम क्षेत्र में नाकाबंदी और संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक गाड़ी को जांच के लिए रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन से बड़ी मात्रा में चरस बरामद हुई। बरामद नशे की मात्रा करीब चार किलोग्राम बताई जा रही है।
पुलिस जांच के दौरान वाहन में सवार दोनों युवकों की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने पर वाहन की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ चरस की खेप लगी। इसके बाद दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी होशियारपुर, पंजाब के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान-
मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना घुमारवीं में NDPS एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस अब पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हुई है।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब चार किलोग्राम चरस की यह खेप आरोपियों तक कहां से पहुंची। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नशे की खेप को हिमाचल के किस इलाके में या किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।
जांच टीम आरोपियों से पूछताछ कर बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाल रही है। इसका उद्देश्य नशे की खेप के स्रोत और संभावित खरीदारों तक पहुंचना है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी इससे पहले भी इसी तरह की नशे की खेप लेकर हिमाचल आए थे या नहीं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों के संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को संदेह है कि इस मामले के पीछे केवल दो आरोपियों तक सीमित नेटवर्क नहीं, बल्कि अन्य लोग भी जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
करीब चार किलोग्राम चरस की बरामदगी को पुलिस महत्वपूर्ण सफलता मान रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नशे की तस्करी का नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था। आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और आवाजाही से संबंधित जानकारियों की भी जांच की जा सकती है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस यह भी जानने का कोशिश कर रही है कि दोनों आरोपी किसी व्यक्ति के निर्देश पर नशे की खेप लेकर जा रहे थे या इस पूरी गतिविधि में उनकी कोई अन्य भूमिका थी। इसके अलावा नशे की सप्लाई से जुड़े संभावित स्थानों और संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

SP बिलासपुर अभिषेक धीमान ने बताया कि पुलिस ने दो लोगों को चरस के साथ गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि जिले में नशे की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार नाकाबंदी, गश्त और संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही है।
SP ने स्पष्ट किया कि नशे की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का प्रयास केवल नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क की पहचान करना भी है।
बिलासपुर पुलिस की ओर से नशे की तस्करी रोकने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। प्रमुख सड़कों और संवेदनशील मार्गों पर वाहनों की जांच के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।