#अपराध
August 3, 2025
हिमाचल: कार सवार युवक नशे की खेप के साथ हुआ अरेस्ट, 25 साल का है आरोपी
चिट्टे की खेप के साथ पकड़ा गया 25 साल का युवक
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के शांत पहाड़ी प्रदेश में नशा माफिया अपनी जड़े फैलाते जा रहे हैं। यह नशा माफिया प्रदेश की युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पुलिस आए दिन इन नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले की घुमारवीं पुलिस को नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक अहम सफलता हाथ लगी है।
पुलिस ने बीती रात बलोह टोल प्लाजा के समीप एक संदिग्ध वाहन को रोककर जब तलाशी ली, तो उसमें से 12.60 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। इस मामले में वाहन चालक को तुरंत हिरासत में लिया गया और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपी की पहचान 25 वर्षीय साहिल कुमार पुत्र लाल चंद निवासी गांव व डाकघर भंगरोटू तहसील बल्ह जिला मंडी के रूप में हुई है।
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यह कार्रवाई घुमारवीं पुलिस की विशेष टीम द्वारा की गई, जिसमें हैड कांस्टेबल आशु वर्मा, कांस्टेबल राकेश कुमार, राजेश कुमार और बाबू राम शामिल थे। टीम ने बलोह टोल प्लाजा पर नाकाबंदी कर रखी थी और इसी दौरान एक वाहन को संदेह के आधार पर रोका गया। जांच के दौरान गाड़ी से चिट्टा बरामद हुआ।
घुमारवीं के डीएसपी चंद्रपाल सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार चल रहा है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए पुलिस हर स्तर पर सख्ती बरत रही है।
हिमाचल प्रदेश जो कभी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता था, अब नशे की गंभीर चुनौती से जूझ रहा है। खासकर चिट्टा, चरस, अफीम और नशीली गोलियों का इस्तेमाल युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है। मंडी, बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन जैसे जिलों में यह समस्या और भी विकराल रूप ले रही है।
पुलिस प्रशासन लगातार अभियान चला रही है लेकिन जब तक समाज और अभिभावक इसमें सक्रिय भूमिका नहीं निभाएंगेए तब तक इस जहर को रोक पाना कठिन होगा। स्कूलोंए कॉलेजों और पंचायत स्तर पर नशा विरोधी जागरूकता अभियान जरूरी हो गए हैं। सरकार द्वारा शुरू किए गए नशा मुक्त हिमाचल जैसे अभियानों को जन सहयोग के बिना सफल नहीं बनाया जा सकता। आवश्यकता है कि हर नागरिक इस लड़ाई को अपनी जिम्मेदारी समझे और अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए समय पर सही मार्गदर्शन दें।