#अव्यवस्था
April 21, 2025
शिमला पुलिस ने नौकरी मांगने वाले दृष्टिबाधित बेरोजगारों से फिर की बदसलूकी, लगा लंबा जाम
नौकरी धरना-प्रदर्शन का आज 540वां दिन
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शिमला। नौकरी की मांग को लेकर बीते 540 दिन से धरने पर बैठे राज्य के दृष्टिबाधित बेरोजगारों ने सोमवार को जब रास्ता रोका तो पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए उनके साथ धक्का-मुक्की और बदतमीजी की। आंखों से लाचार इन बेरोजगारों की आवाज सुक्खू सरकार ने बीते डेढ़ साल में तो नहीं सुनी, लेकिन अब पुलिस भी सरेआम उनके साथ जुल्म करने पर उतर आई है।
शिमला में राज्य सचिवालय के बाहर दृष्टिबाधित बेरोजगारों के इस चक्काजाम से कार्ट रोड बंद हो गई। इससे ऑफिस टाइम पर दोनों तरफ से लंबा जाम लग गया। इस बीच, पुलिस ने दृष्टिबाधित बेरोजगारों का जाम खुलवाने की कोशिश में उनके साथ धक्का-मुक्की और बदतमीजी की। लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हैं।
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दृष्टिबाधित बेरोजगारों का शिमला में यह 12वां प्रदर्शन है, लेकिन सुक्खू सरकार ने अभी तक उनकी मांगों से मुंह मोड़ रखा है। इससे पहले दृष्टिबाधित बेरोजगारों ने छोटा शिमला के सचिवालय पर प्रदर्शन और चक्काजाम किया था।
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लेकिन अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए उन्होंने सोमवार को पहली बार राज्य सचिवालय में प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शनकारी खाली पदों पर बैकलॉग भर्ती की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार और जिला प्रशासन के बाद इनकी बात सुनने तक का वक्त नहीं है।
इससे करीब 3 हफ्ते पहले प्रदर्शन के दौरान एक दृष्टिबाधित बेरोजगार धक्का-मुक्की में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। दृष्टिबाधित संघ के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने सरकार की बेरुखी को अमानवीय कदम बताया है। उनका कहना है कि दृष्टिबाधित बेरोजगार नौकरियां ही तो मांग रहे हैं। सरकार का काम टकराव नहीं, बल्कि बीच का रास्ता निकालना होता है। अब सुबह करीब 10 बजे से धरने पर बैठे बेरोजगार अभी तक धरनास्थल पर जमे हुए हैं और वे पुलिस की सख्ती के बावजूद हटने को तैयार नहीं हैं।