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February 17, 2025

हिमाचल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की 49% कमी, अर्की में ऑपरेशन बंद, क्योंकि मरीज को बेहोश करने वाला ही नहीं 

एनेस्थीसिया डॉक्टर का हो गया ट्रांसफर, नए की तैनाती करना भूली सरकार, मरीज परेशान

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Solan Hospital

सोलन। डॉक्टर, खासकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की चार गुनी कमी से जूझते हिमाचल प्रदेश में आलम यह है कि डॉक्टर न होने से ऑपरेशन भी रोकने पड़ रहे हैं। सोलन में अर्की के एक अस्पताल में बीते एक महीने से इसलिए ऑपरेशन बंद है, क्योंकि मरीज को बेहोश करने वाले इकलौते डॉक्टर का ट्रांसफर हो गया है। 

कैग की रिपोर्ट में सामने आई खामी

वैसे भी हिमाचल प्रदेश में प्रति 3000 की आबादी पर एक ही डॉक्टर उपलब्ध है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के हिसाब से तीन डॉक्टर होने चाहिए थे। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की 2022-23 की रिपोर्ट में स्वास्थ्य सेवाओं में 41.87% मानव संसाधन की कमी पाई गई है। मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी 9% से 56% तक है, जबकि कुछ क्षेत्रों में विशेषज्ञों की कमी 49% तक दर्ज की गई है। 

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यह है परेशानी की वजह

डेढ़ महीने पहले ही सरकार ने अर्की अस्पताल के इकलौते एनेस्थीसिया डॉक्टर की ट्रांसफर कर दी थी। तब से अस्पताल में सभी प्रकार के ऑपरेशन बंद पड़े हैं। इससे मरीजों को मजबूरन शिमला, सोलन और बिलासपुर जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के बार बार आग्रह के बावजूद एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की तैनाती नहीं की जा रही है। मजबूर होकर कुछ मरीज प्राइवेट अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।

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इमरजेंसी सर्विस में भी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के बगैर ऑपरेशन नहीं हो पा रहे और दूसरे अस्पतालों को घायल लोगों को रेफर करना पड़ रहा है। अर्की अस्पताल में जब तक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ था, तब तक क्षेत्र की जनता को घर द्वार ही उपचार की सुविधा मिल जाती थी।

पता नहीं कब आएंगे 200 नए डॉक्टर

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. तारा चंद नेगी के अनुसार, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है, ताकि मरीजों को जल्द से जल्द ऑपरेशन की सुविधा मिल सके। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) ने 200 चिकित्सा अधिकारियों के पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है, जिसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई थी। लेकिन अभी तक भर्ती प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई है।

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कई सालों से केलांग अस्पताल में नहीं हुआ प्रसव 

कुल्लू। कई सालों से एक भी स्थानीय महिला का केलांग अस्पताल में प्रसव नहीं हुआ है। गायनी विशेषज्ञ का पद खाली है। इस कारण महिलाओं को प्रसव करवाने के लिए कुल्लू जाना पड़ रहा है। विभाग के अनुसार क्षेत्रीय अस्पताल केलांग में विशेषज्ञों के छह पद खाली हैं। इनमें गायनी विशेषज्ञ के अलावा नेत्र रोग, हड्डी रोग, मेडिकल, शिशु रोग विशेष और रेडियोलॉजिस्ट जैसे अहम पद शामिल हैं। मेल हेल्थ वर्कर के स्वीकृत 37 में से सभी खाली हैं। फीमेल हेल्थ वर्कर के 37 में से 21, फार्मासिस्ट के 33 में से 20 पद खाली हैं। विशेषज्ञ के नाम पर सिर्फ सर्जन और एनेस्थीसिया ही तैनात हैं।

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