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July 6, 2025

विक्रमादित्य के विभाग की लापरवाही, बाढ़ में बहा 2.24 करोड़ से बना पुल, लोग पहले ही कर चुके थे आगाह

ग्रामीणों की चेतावनियों को किया गया था नजरअंदाज

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Vikramaditya Singh

चंबा हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के तहत आते चुराह उपमंडल में आज रविवार सुबह बादल फटने के बाद आई बाढ़ में कंगेला नाला पर बना पुल पूरी तरह से बह गया। इस पुल का निर्माण हाल ही में करीब 224 लाख रुपये की लागत से किया गया था। अब इसके बह जाने से स्थानीय लोगों व प्रतिनिधियों ने एक बार फिर से निर्माण की गुणवत्ता और प्रशासन की लापरवाही पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

लोक निर्माण मंत्री को किया था आगाह

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण के दौरान ठेकेदार ने बड़ी मात्रा में मलबा सीधे कंगेला नाले में डाल दिया, जिससे नाले में पानी का प्रवाह बाधित हो गया और बहाव की ऊंचाई काफी कम हो गई। यही वजह है कि बारिश के समय पानी का दबाव अचानक बढ़ गया, और पुल उसकी चपेट में आ गया।

 

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ग्रामीणों ने बताया कि इस खतरे को भांपते हुए उन्होंने पहले ही SDO तीसा और लोक निर्माण मंत्री श्री विक्रमादित्य सिंह को लिखित रूप में सूचित किया था। लेकिन न तो कोई निरीक्षण हुआ, न ही कोई सुरक्षात्मक कदम उठाए गए। आज जब पुल बह गया है, तो इस लापरवाही की कीमत आम लोगों को भुगतनी पड़ रही है।

ग्रामीणों की मुख्य मांगें

इस पुल के माध्यम से बघेईगढ़ क्षेत्र की चार पंचायतें जो इससे सीधे तौर पर जुड़ी थीं, अब बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट चुकी हैं। हजारों ग्रामीणों का संपर्क, स्कूल जाने वाले बच्चों की आवाजाही, मरीजों के इलाज और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई हैं।

 

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  • 1. तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाए, जिससे चारों पंचायतों का संपर्क फिर से बहाल हो सके।
  • 2. राशन, दवाइयों और जरूरी सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
  • 3. पुल निर्माण में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो, और यह पता लगाया जाए कि इस स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है।
  • 4. दोषी अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबाराहों

विभाग के प्रति फूटा गुस्सा

उधर, ग्राम पंचायत बघेईगढ़ प्रधान ने बताया कि, पुल निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा बरती गई लापरवाही के चलते हमने पहले ही लोक निर्माण विभाग को संभावित खतरे को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 

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इसी लापरवाही के कारण आज हजारों लोगों की जिंदगी प्रभावित हो गई है। पंचायत प्रधान ने एक बार फिर से मांग की कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई हो, ठेकेदार से पुल दोबारा मुफ्त में बनवाया जाए या तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए।

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