#अव्यवस्था
July 24, 2025
हिमकेयर पर संकट : पेमेंट न चुकाने के चलते AIIMS बिलासपुर ने रोका इलाज, मरीज बेहाल
कूल्हा-घुटना रिप्लेसमेंट जैसी महंगी सर्जरियों पर ब्रेक, अमृत फार्मेसी की सप्लाई भी रुकी
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान एम्स बिलासपुर में इलाज कराने आ रहे हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए हालात बदतर हो गए हैं। कई दिनों से महत्वपूर्ण ऑपरेशन ठप हो चुके है। जिसकी वजह सरकार की योजनाओं के तहत जरूरी उपकरण और सामग्री सप्लाई करने वाले वेंडरों ने बकाया भुगतान न करना बताया जा रहा है।
एम्स के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में हर महीने 25 से 30 बड़ी सर्जरियां होती हैं। घुटने और कूल्हे की रिप्लेसमेंट सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण ऑपरेशन के लिए लोग दूर-दराज से यहां पहुंचते हैं। इनमें से अधिकांश हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर होती हैं।
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लेकिन अब स्थिति ये है कि जांच और परामर्श तो हो रहे हैं, पर ऑपरेशन के नाम पर डॉक्टर भी लाचार हैं। मरीजों को सलाह दी जा रही है कि कुछ समय रुकें, जैसे ही सामान आएगा, सर्जरी की प्रक्रिया शुरू होगी।
मरीजों का कहना है कि योजनाओं से अगर मदद न मिली तो उन्हें लाखों रुपये खर्च करने पड़ेंगे, जो संभव नहीं। एम्स प्रशासन की मानें तो सरकार की ओर से 50 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक लंबित है। यही नहीं, अस्पताल परिसर में चल रही अमृत फार्मेसी पर भी इसका असर पड़ा है। फार्मेसी के पुराने वेंडर ने भी बकाया राशि के कारण दवा भेजनी बंद कर दी है। नया वेंडर बिना अग्रिम भुगतान के सप्लाई देने को तैयार नहीं।
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एम्स प्रबंधन ने एक महीने पहले दिशा समिति की बैठक में इस संकट को प्रमुखता से उठाया था, लेकिन नतीजा सिफर। फार्मेसी और सर्जरी की सामग्री की सप्लाई लगातार रुकी हुई है, लेकिन सरकार के स्तर पर भुगतान की फाइल अब तक आगे नहीं बढ़ पाई। स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी का कहना है कि उनके पास फिलहाल इस संबंध में कोई डाटा नहीं है। विशेष सचिव ही स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।
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एम्स प्रशासन का साफ कहना है कि हमने कई बार राज्य सरकार को लिखित में स्थिति से अवगत कराया है। जब तक 50 करोड़ की देनदारी चुकता नहीं होगी, वेंडर सप्लाई नहीं देंगे और हम इलाज नहीं कर पाएंगे। इस लाचारी का सबसे बड़ा खामियाजा गरीब मरीजों को उठाना पड़ रहा है।