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July 14, 2026

6 हजार के लिए सस्पेंड किए विजय कुमार, हिमाचल पुलिस अधिकारियों पर सवाल- साजिश या....?

इंस्पेक्टर विजय कुमा को सोशल मीडिया पर मिला समर्थन

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Himachal Police Harmony of the Pines Inspector Vijay Kumar Suspension Social Media Income

शिमला। हिमाचल पुलिस के चर्चित बैंड हारमनी ऑफ पाइन्स के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार के निलंबन का मामला अब और चर्चा में आ गया है। इस बीच सामने आई नई जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर विजय ने सोशल मीडिया से हुई कमाई की राशि सरकारी खजाने में जमा करवा दी थी।

 

इतना ही नहीं विभाग के नोटिस का जवाब भी दिया था। इसके बावजूद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। अब इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और विभागीय जांच जारी है।

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नोटिस के बाद जमा करवाई थी राशि

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विभाग ने इंस्पेक्टर विजय कुमार को नोटिस जारी कर फेसबुक से हुई कमाई को लेकर जवाब मांगा था। आरोप था कि उन्होंने फेसबुक के जरिए करीब छह हजार रुपये की कमाई की थी। बताया जा रहा है कि विजय कुमार ने यह राशि चेक के माध्यम से सरकारी खजाने में जमा करवा दी थी। इसके बाद भी उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

जवाब में क्या कहा था इंस्पेक्टर विजय ने?

अपने लिखित जवाब में इंस्पेक्टर विजय कुमार ने कहा कि उन्होंने जो वीडियो बनाए थे, वे पुलिस की वर्दी पहनकर नहीं बनाए गए थे। उनका कहना था कि इन वीडियो की शूटिंग उन्होंने अवकाश के दौरान की थी और इससे उनकी सरकारी ड्यूटी या विभागीय कार्य प्रभावित नहीं हुए। हालांकि, विभाग ने उनके स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना और उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी।

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DSP को सौंपी गई जांच

मामले की जांच पुलिस लाइन भराड़ी के DSP को सौंपी गई है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

VRS की भी दी थी अर्जी

रिपोर्टों के मुताबिक, विवाद बढ़ने के दौरान इंस्पेक्टर विजय कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए भी आवेदन दिया था। हालांकि विभाग ने उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया। बताया गया कि विभाग का मानना था कि इस समय वीआरएस मंजूर करने से पुलिस विभाग की छवि प्रभावित हो सकती है।

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सोशल मीडिया पर मिला समर्थन

इंस्पेक्टर विजय कुमार के निलंबन के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में उतर आए हैं। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अन्य सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, तो कार्रवाई केवल एक व्यक्ति पर क्यों हुई। हालांकि इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।

सरकार ने मांगी सभी विभागों से रिपोर्ट

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस विवाद के बाद राज्य सरकार ने सभी विभागों से ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों की जानकारी मांगी है, जो सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से कमाई कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि सेवा नियमों के तहत ऐसे मामलों की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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