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February 9, 2025

हिमाचल में लोगों के कंधों पर सरकारों के वादे, पीठ पर पहुंचाने पड़ रहे मरीज

पीठ पर उठाकर 5 KM पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाया मरीज

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Chamba News

चंबा। हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है। यहां के कई गांव दूर दराज के क्षेत्रों में बसे हैं, जो आज भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। वैसे तो हिमाचल में सत्ता संभालने से पहले हर सरकार प्रदेश के हर गांव को सड़क से जोड़ने की बात करती है, लेकिन धरातल यह बातें कितनी सच साबित होती हैं, इसका खुलासा आए दिन पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंचाए जा रहे मरीजों की सामने आती खबरों से हो जाता है।

पीठ पर 5KM दूर पैदल सड़क तक पहुंचाया मरीज

ऐसी ही एक खबर हिमाचल के चंबा जिला से भी सामने आई है। यहां भी एक मरीज को पीठ पर उठाकर घंटों पैदल सफर तय कर अस्पताल पहुंचाया गया। गांव के लोगों ने एक बीमार आदमी को अपनी पीठ पर उठाकर पांच किलोमीटर पैदल सफर किया। जिसके बाद उसे सड़क तक पहुंचाया और फिर वहां से अस्पताल लाया गया।

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चंबा जिला का मामला

यह घटना चंबा जिला के चुराह विधानसभा क्षेत्र की करेरी पंचायत के चन्हाण गांव की है। यह गांव आजादी के 75 साल बाद भी सड़क सुविधा के लिए तरस रहा है। इस गांव से सड़क की दूरी पांच किलोमीटर है। यानी पांच किलोमीटर पैदल कच्चे रास्ते पर इस गांव के लोगों को सामान से लेकर बीमार लोगों को पीठ पर ही ढोना पड़ता है।

बुजुर्ग की बिगड़ी थी तबीयत

बताया जा रहा है कि बीते रोज शनिवार को गांव के एक बुजुर्ग महमूद खान की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। महमूद खान को सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। ऐसे में परिजनों ने ग्रामीणों की मदद ली और एक सेंटीमीटर बर्फ के बीच लोगों ने बारी बारी बीमार शख्स को पीठ पर उठाकर पांच किलोमीटर का सफर तय किया। जिसके बाद बीमार बुजुर्ग को सड़क तक पहुंचाया और वहां से अन्य वाहन में अस्पताल ले जाया गया। जिससे शख्स की जान बच सकी।

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क्या बोले ग्रामीण

गांव के शकूर, हाकम, हाशम सहित अन्य ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि सरकारें चुनाव के समय बड़े बड़े वादे तो करती हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वह कभी पलट कर नहीं देखती हैं। चन्हाण गांव के लोग लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी मांग किसी भी सरकार ने पूरी नहीं की। उन्होंने बताया कि गांव में जब भी कोई बीमार होता है तो परिजनों को उसे अस्पताल तक पहुंचाना चुनौती बन जाता है, क्योंकि अकेला परिवार बीमार व्यक्ति को पांच किमी तक उठाकर नहीं ले जा सकता। इसके लिए गांव के अन्य लोगों की मदद लेनी ही पड़ती है।

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गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि सरकार और प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सेवाएं देने को लेकर बड़ी.बड़ी बातें करते हैं, लेकिन चन्हाण गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए आज तक कोई भी उनके गांव में नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि जिस गांव में सड़क नहीं होगी, वहां विकास न के बराबर होगा। क्योंकि, किसी भी विकास के लिए सड़क होना सबसे जरूरी है। चन्हाण गांव में सड़क सुविधा लोगों से अभी काफी दूर है।

क्या बोले पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता

वहीं इस बारे में करेरी पंचायत के प्रधान गोपाल चंद ने बताया कि ग्राम सभा में सड़क का प्रस्ताव पारित कर जल्द ही सरकार को भेजेंगे। वहीं इस बारे में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता संजीव अत्री ने बताया कि जल्द गांव में सड़क बनाने के लिए सर्वे करवाया जाएगा।

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