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February 21, 2026
हिमाचल में टीचर भर्ती पर बवाल- 5,700 पदों के लिए नहीं आए आवेदन, CM सुक्खू पर बना दबाव
परीक्षा के खिलाफ शिक्षक, सरकार के फैसले पर सवाल
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शिमला। हिमाचल में शिक्षा सुधार की शुरुआत के साथ ही नया विवाद खड़ा हो गया है। 130 सरकारी स्कूलों में CBSE पाठ्यक्रम लागू करने के फैसले के बाद अब शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रदेशभर में असमंजस और विरोध देखने को मिल रहा है।
CBSE से संबद्ध इन स्कूलों के लिए सरकार ने अलग से शिक्षकों का चयन करने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग ने करीब 5,700 पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। हालांकि अब तक सिर्फ लगभग 1,500 शिक्षकों ने ही आवेदन किया है। आवेदन की अंतिम तारीख में सिर्फ चार दिन बचे हैं।
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शिक्षक संगठनों ने इस चयन परीक्षा का विरोध किया है। उनका कहना है कि वे पहले ही आयोग की परीक्षा पास करके नियुक्त हुए हैं। दोबारा परीक्षा लेना उनके अनुभव और सम्मान पर सवाल उठाने जैसा है।
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हिमाचल टीचर युनियन के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने शिक्षकों से अपील की है कि वे इस परीक्षा का बहिष्कार करें। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को फिर से परीक्षा में बैठाना सही नहीं है।
एक और बड़ी चिंता वरिष्ठता को लेकर है। शिक्षकों को डर है कि अगर वे सीबीएसई सब-कैडर में जाते हैं तो उनकी मौजूदा सीनियोरिटी प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि कई शिक्षक आवेदन नहीं कर रहे हैं।
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सरकार का कहना है कि 130 से ज्यादा स्कूलों में CBSE पाठ्यक्रम लागू करने का मकसद शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना है। पहले ये स्कूल Himachal Pradesh Board of School Education के अधीन थे, लेकिन अब इन्हें CBSE से जोड़ा गया है।
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हालांकि चयन मौजूदा शिक्षकों में से ही होना है, फिर भी अलग परीक्षा की शर्त पर विवाद गहराता जा रहा है। अगर तय संख्या में शिक्षक आवेदन नहीं करते हैं, तो इसका असर सीधे छात्रों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।