शिमला। हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मानदेय में देरी और असमंजस से जूझ रहे हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को अब हर महीने तय तारीख पर भुगतान मिलेगा।
सुक्खू सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों को दी बड़ी राहत
CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रत्येक माह की 7 तारीख को मानदेय अनिवार्य रूप से जारी किया जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने मंगलवार (3 फरवरी) को शिमला में आयोजित हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (HPSEDC) के निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
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दैनिक खर्चों में राहत
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समय पर भुगतान न केवल कर्मचारियों का अधिकार है, बल्कि सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी भी है। CM सुक्खू ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर मानदेय न मिलने से उन्हें रोजमर्रा के खर्चों, बच्चों की पढ़ाई, किराया और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मानसिक दबाव होगा कम
इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक अनिश्चितता से राहत मिल सके और उनका मनोबल बना रहे। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।
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HPSEDC की मजबूत वित्तीय स्थिति
निदेशक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने निगम की वित्तीय स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में निगम ने 275 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज किया, जिसमें से 15 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित हुआ।
इसी तरह वित्त वर्ष 2024-25 में निगम का टर्नओवर बढ़कर 300 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और 18 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। CM सुक्खू ने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक निगम ने 199.25 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज कर लिया है, जो निगम की निरंतर मजबूत होती आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
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तकनीकी शुल्क में बदलाव
CM सुक्खू ने बैठक में निविदा प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और संतुलित बनाने के लिए तकनीकी शुल्क में संशोधन के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे न केवल निविदा प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी और निगम को लाभ मिलेगा। नए प्रावधानों के अनुसार-
- 5 करोड़ रुपये तक के टेंडरों पर 5 प्रतिशत
- 5 करोड़ से अधिक और 10 करोड़ रुपये तक के टेंडरों पर 3 प्रतिशत
- 10 करोड़ से ज्यादा के टेंडरों पर 2 प्रतिशत तकनीकी शुल्क
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निगम के नाम में बदलाव को मंजूरी
निदेशक मंडल की बैठक में एक अहम निर्णय लेते हुए निगम के नाम में परिवर्तन को भी मंजूरी दी गई। अब हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम को हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैनपावर एवं ओवरसीज इंप्लॉयमेंट कॉरपोरेशन के नाम से जाना जाएगा।
युवाओं के लिए रोजगार
CM ने बताया कि निगम अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी विस्तारित भूमिका को ध्यान में रखते हुए निगम के नाम में बदलाव किया गया है।
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आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत
सरकार के इस फैसले को आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ा भरोसा और सकारात्मक संदेश माना जा रहा है। लंबे समय से समयबद्ध भुगतान की मांग कर रहे कर्मचारियों को अब उम्मीद है कि उनकी आर्थिक परेशानियां काफी हद तक कम होंगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने दोहराया कि कर्मचारियों की समय पर भुगतान व्यवस्था और कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
