मंडी। देवभूमि हिमाचल में छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध शहर मंडी देव आस्था, परंपरा और उत्सव के रंग में रंगने जा रहा है। दरअसल, शहर में 16 फरवरी से अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का आगाज होने जा रहे है। पूरी छोटी काशी शिवरात्रि महोत्सव पर भोले बाबा के जयकारों से गूंज उठेगी।
शिवरात्रि की मची धूम
शिवरात्रि महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन, नगर निगम और देव समाज तीनों स्तरों पर तैयारियां तेज हो गई हैं। यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सदियों पुरानी देव परंपरा, रियासती विरासत और जनआस्था का जीवंत प्रतीक है।
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रियासत काल से चली आ रही परंपरा
विदित रहे कि,.मंडी रियासत के दौर से शिवरात्रि महोत्सव में देवी-देवताओं की उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती रही है। मान्यता है कि इस दौरान सैकड़ों देवी-देवता अपने-अपने क्षेत्रों से मंडी पहुंचकर राजदेव कमरूनाग और भगवान शिव को हाजिरी देते हैं।

300 देवी-देवता लेते हैं भाग
हर वर्ष करीब 250 से 300 देवी-देवता इस महोत्सव में भाग लेते हैं। इनमें ज्यादातर वे देवता होते हैं, जिनका विधिवत पंजीकरण प्रशासन के रिकॉर्ड में दर्ज है। पंजीकरण के दौरान देवता के इतिहास, परंपरा और महोत्सव से जुड़े पुराने संबंधों को भी देखा जाता है।
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नहीं आते कुछ देवता
हालांकि, समय के साथ कुछ ऐसे देवता भी हैं, जो किसी कारणवश अब महोत्सव में नहीं पहुंचते, फिर भी देव समाज की सक्रिय भागीदारी के चलते देवी-देवताओं की संख्या आज भी लगभग 300 तक बनी हुई है। खास बात यह है कि कुछ देवी-देवता ऐसे भी होते हैं, जो बिना औपचारिक निमंत्रण के ही महोत्सव में पहुंच जाते हैं- जिसे स्थानीय लोग देव इच्छा और आस्था से जोड़कर देखते हैं।

देवी-देवताओं को भेजा निमंत्रण
इस वर्ष प्रशासन की ओर से सराज विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले उपमंडल थुनाग और बालीचौकी में कुल 42 देवी-देवताओं को शिवरात्रि महोत्सव का औपचारिक निमंत्रण भेजा गया है। प्रशासन अब स्वयं देवी-देवता समितियों से संपर्क कर निमंत्रण पत्र सौंप रहा है, ताकि परंपरा में कोई कमी न रहे।
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थुनाग के 11 देवी-देवताओं को आमंत्रण
SDM थुनाग संजीत शर्मा के अनुसार, मंडी जिला प्रशासन से थुनाग उपमंडल के 11 देवी-देवताओं के लिए निमंत्रण पत्र प्राप्त हुए हैं। इनमें क्षेत्र के प्रमुख आराध्य शामिल हैं-
- विष्णु मतलोड़ा
- मगरू महादेव
- देव बायला नारायण
- देवी बायला गुसैण
- देव चपलादूं बिहणी (छतरी)
- देव तुगासीं
- देवी महामाया
- देव सुमूनाग
- देव नलवागी
- देव गरल सराची
- देवी मड़भख्खण देओल
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देव समाज ने किया स्वीकार
निमंत्रण मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने इन्हें संबंधित मंदिरों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शनिवार को SDM थुनाग खुद जंजैहली क्षेत्र पहुंचे और वहां के देवी-देवताओं को पारंपरिक तरीके से निमंत्रण पत्र सौंपे- जिसे देव समाज ने सम्मान और श्रद्धा के साथ स्वीकार किया।
बालीचौकी से 59 देवी-देवताओं को न्योता
बालीचौकी उपमंडल के अंतर्गत इस बार 59 देवी-देवताओं को शिवरात्रि महोत्सव का निमंत्रण मिला है। SDM विचित्र सिंह ठाकुर ने बताया कि इनमें से 31 देवी-देवता सराज विधानसभा क्षेत्र से संबंधित हैं, जिनमें क्षेत्र के आराध्य देव शैट्टीनाग, चुंजवाला और बिठ्ठू नारायण जैसे प्रमुख देवता शामिल हैं।
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वहीं, द्रंग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 28 देवी-देवताओं को भी निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं। चूंकि बालीचौकी उपमंडल भौगोलिक रूप से सराज और द्रंग- दोनों विधानसभा क्षेत्रों में विभाजित है, इसलिए प्रशासन दोनों क्षेत्रों के देव समाज से समन्वय बनाकर निमंत्रण पत्र मंदिरों तक पहुंचा रहा है।

मंडी शहर में तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार
शिवरात्रि महोत्सव को लेकर मंडी शहर में भी व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। नगर निगम मंडी के मेयर वीरेंद्र भट्ट ने बताया कि महोत्सव से पहले शहर में कुल 151 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे रात के समय बेहतर रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
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देश-विदेश के श्रृद्धालु पहुंचेंगे मंडी
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक मंडी पहुंचते हैं, ऐसे में शहर की सुंदरता, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों, देव परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर रंग-रोगन का काम चल रहा है। साथ ही सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नगर निगम की टीमें नियमित अभियान चला रही हैं।
आस्था, संस्कृति और पर्यटन का संगम
मंडी का शिवरात्रि महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हिमाचल की देव संस्कृति, लोक परंपरा और पर्यटन को एक साथ जोड़ने वाला अनूठा उत्सव है। देवी-देवताओं की शोभायात्राएं, वाद्य यंत्रों की गूंज और श्रद्धालुओं की भीड़-मंडी को इन दिनों एक अलग ही पहचान देती है। प्रशासन और देव समाज की सक्रिय भागीदारी से इस बार भी शिवरात्रि महोत्सव के भव्य और शांतिपूर्ण आयोजन की उम्मीद की जा रही है।
