ऊना। हिमाचल प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार के बीच विकास परियोजनाओं को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। भाजपा द्वारा राज्य की सुक्खू सरकार पर केंद्रीय योजनाओं को लटकाने और सहयोग न करने के आरोप लगाए जाने के बाद अब उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने तीखा पलटवार किया है।

हिमाचल से पैसा मांगना गलत

डिप्टी CM ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रेलवे और हवाई अड्डा जैसी बड़ी परियोजनाएं पूरी तरह केंद्र सरकार के अधीन आती हैं। ऐसे में इनका वित्तीय दायित्व भी केंद्र को ही उठाना चाहिए ना कि हिमाचल सरकार से पैसों की मांग करनी चाहिए।

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हिमाचल के साथ हो रहा अन्याय

डिप्टी CM ने कहा कि केद्र सरकार की योजनाओं के लिए हिमाचल सरकार से बजट की मांग करना गलत और अनुचित है। बजट की मांग करना आर्थिक रूप से पहले से कमजोर पहाड़ी राज्य के साथ सरासर अन्याय है।

हिमाचल पर बोझ डाल रही मोदी सरकार

उन्होंने कहा कि हिमाचल की भौगिलक परिस्थितियां अलग और कठिन है। सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। ऐसे में केंद्र द्वारा अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।

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कुछ राज्यों को फायदा

मुकेश अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपने बजट में कुछ चुनिंदा राज्यों को प्राथमिकता दे रही है। जबकि हिमाचल प्रदेश जैसी जरूरतमंद पहाड़ी राज्य की अनदेखी की जा रही है।

हिमाचल से बड़ी अनदेखी

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इस बजट में गुजरात के लिए तीन नए हवाई अड्डों की घोषणा की गई। मगर हिमाचल प्रदेश के लिए कोई ठोस और बड़ी घोषणा नहीं हुई। यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार का रवैया राज्यों के प्रति समान नहीं है।

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रेलवे-हवाई अड्डों के लिए भी मांगे पैसे

उप मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य तौर पर केंद्र की योजनाओं में पूरा खर्च केंद्र सरकार ही वहन करती है। मगर  अब रेलवे और एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं के लिए भी प्रदेश सरकार से बजट प्रावधान की मांग की जा रही है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि रेलवे और हवाई अड्डे केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इनके निर्माण, विस्तार और विकास की जिम्मेदारी भी केंद्र की ही होनी चाहिए।

नहीं मिला रहा केंद्र का सहयोग

गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार का उल्लेख करते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद इस परियोजना को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने माना कि यह कार्य आसान नहीं है, लेकिन राज्य सरकार प्रदेश के हित में हरसंभव कोशिश कर रही है। इसके बावजूद केंद्र से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा, जो चिंता का विषय है।

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बार-बार बजट मांग रही केंद्र सरकार

रेलवे परियोजनाओं पर बोलते हुए डिप्टी CM ने कहा कि बिलासपुर रेलवे लाइन के लिए हिमाचल प्रदेश पहले ही पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा चुका है। मगर इसके बावजूद अब फिर से राज्य से बजट की मांग की जा रही है। उन्होंने इसे पूरी तरह अनुचित करार देते हुए कहा कि जब प्रदेश आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में है, तब उस पर अतिरिक्त बोझ डालना सही नहीं है।

हिमाचल की जरूरतों को समझे मोदी सरकार

मुकेश अग्निहोत्री ने अंत में कहा कि केंद्र सरकार को राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर हिमाचल प्रदेश की वास्तविक जरूरतों को समझना चाहिए। चाहे रेलवे परियोजनाएं हों या हवाई अड्डों का विस्तार, इन सभी में केंद्र को पूरी वित्तीय जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़ रहे हिमाचल प्रदेश को इस समय सहयोग की सबसे अधिक जरूरत है और केंद्र को राज्य के विकास में सच्ची भागीदारी निभानी चाहिए।

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