कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में जिला कांगड़ा के धर्मशाला में बहुचर्चित पल्लवी केस, जिसमें रैगिंग और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के चलते एक युवती की जान चली गई। इस कार्रवाई को आगे बड़ाते हुए प्रोफेसर का राजधानी शिमला में लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ), ब्रेन मैपिंग और वॉइस सैंपल टेस्ट करवाए गए हैं।
प्रोफेसर के करवाए टेस्ट
बता दें कि जिला कांगड़ा के धर्मशाला में 19 साल की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने जांच को और तेज कर दिया है। इस केस का सच जानने के लिए पुलिस ने प्रोफेसर का लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ), ब्रेन मैपिंग और वॉइस सैंपल टेस्ट करवाए गए हैं।
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DSP ने रखी पूरी प्रक्रिया पर नजर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये सभी टेस्ट 29, 30 और 31 जनवरी को शिमला में हुए। पुलिस ने इसके लिए पहले अदालत से इजाजत ली थी। टेस्ट के दौरान जांच अधिकारी DSP निशा कुमारी खुद मौके पर मौजूद रहीं और पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी गई। अब पुलिस को इन सभी टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार कर रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन टेस्ट रिपोर्ट्स के साथ‑साथ मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट, क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैबोरेटरी (RFSL) से मिली डिजिटल रिपोर्ट और बाकी तकनीकी सबूतों को जोड़कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
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हालांकि, इस मामले से जुड़े तीन मोबाइल फोन की डिजिटल रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। इस केस में आरोपी सहायक प्रोफेसर और दो छात्राओं को फिलहाल 13 फरवरी तक अंतरिम जमानत मिली हुई है, लेकिन जांच लगातार जारी है।
क्या होता है पॉलीग्राफ टेस्ट ?
पॉलीग्राफ टेस्ट को आम भाषा में लाई डिटेक्टर टेस्ट कहा जाता है। इसमें किसी व्यक्ति से सवाल पूछे जाते हैं और उस दौरान उसके शरीर की प्रतिक्रियाएं जैसे ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन, सांस लेने की गति और त्वचा की गतिविधि को मापा जाता है। माना जाता है कि झूठ बोलते समय शरीर की प्रतिक्रियाएं बदल जाती हैं, जिससे सच और झूठ के बीच फर्क समझने में मदद मिलती है।
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क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, धर्मशाला की इस 19 वर्षीय छात्रा की 26 दिसंबर को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। इसके बाद 31 दिसंबर और 1 जनवरी को इस मामले से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
पुलिस को सौंपी जांच रिपोर्ट
इसके बाद 1 जनवरी को कॉलेज की चार छात्राओं के खिलाफ कथित तौर पर रैगिंग और मारपीट का केस दर्ज किया गया, जबकि एक प्रोफेसर पर छात्रा के साथ शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए।
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मामला सामने आते ही यूजीसी, महिला आयोग और राज्य शिक्षा निदेशालय ने भी इस पर संज्ञान लिया। मेडिकल बोर्ड ने छात्रा से जुड़े मामले की जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
क्या बोले SP कांगड़ा ?
वहीं, SP कांगड़ा अशोक रत्न ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और कोई भी एंगल छोड़ा नहीं जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
