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August 21, 2025

हिमाचल के छोटे से गांव की बेटी वैशाली बनेगी डॉक्टर, पहले प्रयास में पास की NEET परीक्षा

डॉक्टर बनने का सपना हुआ पूरा

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Vaishali Sharma

सिरमौरकहते हैं कि, मेहनत और दृढ़ निश्चय से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की एक होनहार बेटी ने, जिसने हाल ही में आयोजित NEET परीक्षा को अपने प्रथम प्रयास में ही सफलतापूर्वक पास किया है और अब लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज, मंडी में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने की तैयारी कर रही हैं।

बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं वैशाली

जानकारी के अनुसार, जिला सिरमौर के तहत आते पच्छाद उपमंडल की ग्राम पंचायत महलोग लालटिकर के कथेर मल्होटी गांव की वैशाली शर्मा ने अपने पहले ही प्रयास में NEET जैसी कठिन परिक्षा पास कर प्रदेश भर में अपने इलाके का नाम रोशन किया है।

 

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वैशाली बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने अपनी +2 की शिक्षा कैरियर एकेडमी, नाहन से पूरी की, और हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त कर अपने गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया। इसी लगन और मेहनत के दम पर उन्होंने इस वर्ष NEET परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और सफलता अर्जित की।

यह बोले वैशाली के शिक्षक

वैशाली की इस उपलब्धि में उनके परिवार का योगदान और समर्थन भी अहम रहा है। उनके पिता सुरेश शर्मा, जो शिक्षा विभाग में इतिहास के प्रवक्ता हैं, और माता वर्षा शर्मा, जो गृहिणी हैं, ने हमेशा उनकी पढ़ाई और करियर के प्रति समर्पण को प्रोत्साहित किया। परिवार में वैशाली की इस उपलब्धि को लेकर खुशी और गर्व का माहौल है।

 

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वैशाली की सफलता ने पूरे क्षेत्र में उत्साह और प्रेरणा का संचार किया है। ग्रामीण, शिक्षक और रिश्तेदार इसे क्षेत्र की युवा बेटियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण मान रहे हैं। वैशाली के शिक्षकों का कहना है कि वह हमेशा मेहनती और अनुशासित छात्रा रही हैं, और यही उनकी सफलता का मुख्य कारण है।

यह कहना है होनहार वैशाली का

वैशाली ने अपनी उपलब्धि के बारे में बात करते हुए कहा कि उनका यह मुकाम माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन और समर्थन के बिना संभव नहीं था। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय जरूरी है।

 

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उनका सपना है कि एक दिन वह डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करे, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाएं। वैशाली का कहना है कि, छोटे गांव की बेटियां भी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से बड़े सपने सच कर सकती हैं।

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