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February 24, 2025

हिमाचल : छोटे से गांव का बेटा बनेगा प्रोफेसर, 99 परसेंट से क्वालीफाई किया UGC-NET

दिल्ली यूनिवर्सिटी में PHD कर रहे हैं धीरज कुमार

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Dheeraj Kumar

मंडी। यह कहावत तो आप सबने सुनी ही होगी कि तूफानों में जलने वाले दिए हवा के झोंके से नहीं डरा करते। इन शब्दों को बखूबी से चरितार्थ कर दिखाया है कि हिमाचल प्रदेश के एक होनहार बेटे ने। सूबे के मंडी जिले के धीरज कुमार ने साबित कर दिखाया है कि असली ताकत और दृढ़ता वही है जो मुश्किलों के बीच भी अपने उद्देश्य को नहीं छोड़ती। फिर चाहे कितनी भी कठिन परिस्थिति हो, अपने इरादों से डगमगाते नहीं हैं बल्कि और मजबूत बनते हैं।

UGC-NET/JRF परीक्षा में लिए 99 परसेंट

जिले के विकास खंड गोहर की पंचायत किलिंग के रहने वाले धीरज कुमार प्रोफेसर बनेगा। धीरज कुमार ने UGC-NET/JRF में 99.13 अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। धीरज ने इस उपलब्धि को हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम देश व प्रदेश में रोशन किया है। 

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सरकारी स्कूल से की पढ़ाई

धीरज कुमार ने प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से हासिल की है। वर्तमान में धीरज कुमार ने दिल्ली विश्वविद्यालय से PHD की पढ़ाई कर रहा है। धीरज ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों के प्रोत्साहन को दिया है।

माता-पिता ने की खूब मेहनत

धीरज ने बताया कि उनके माता-पिता ने कभी उन्हें किसी चीज की कमी नहीं आने दी। उनकी पढ़ाई में बाधा ना आए- इसके लिए उनके माता-पिता ने खूब मेहनत कर पैसा जोड़ा और उनकी पढ़ाई जारी रखी। धीरज ने बताया कि UGC-NET/JRF परीक्षा के लिए उन्होंने कोई कोचिंग भी नहीं ली। उसने अपनी मेहनत के दम पर इस कठिन परीक्षा को पास किया।

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ठेकेदार हैं धीरज के पिता

धीरज कुमार के पिता तेज राम सरकारी ठेकेदार हैं। जबकि, मां तुला देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। धीरज के माता-पिता ने बताया कि धीरज बचपन से ही पढ़ने में काफी होशियार है। धीरज स्कूली दिनों में भी एक होनहार विद्यार्थी था। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर काफी गर्व है। परीक्षा में इतने अच्छे अंक लेकर धीरज ने हमारा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

UGC-NET पास करने पर कितने पैसे मिलते हैं?

UGC-NET (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए उत्तीर्ण उम्मीदवारों को अनुसंधान कार्य के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। वर्तमान में, JRF के तहत पहले दो वर्षों के लिए प्रति माह ₹37,000 की फेलोशिप राशि दी जाती है। इसके बाद, शोधकार्य की प्रगति के मूल्यांकन के आधार पर, फेलोशिप को सीनियर रिसर्च फेलोशिप (SRF) में परिवर्तित किया जाता है, जिसमें शेष अवधि के लिए प्रति माह ₹42,000 प्रदान किए जाते हैं। फेलोशिप की कुल अवधि अधिकतम 5 वर्ष या शोध प्रबंध (थीसिस) जमा करने तक, जो भी पहले हो, होती है।

 

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