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May 11, 2025

हिमाचल की बेटी बनी डेयरी क्वीन- 'गाय-गोबर' कहकर हंसने वालों को अपनी कमाई से दिया जवाब

एमए हिस्ट्री की छात्रा बनी डेयरी क्वीन

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SAKEENA THAKUR MANDI

मंडी। हिमाचल के जिला मंडी के तुंगल क्षेत्र की सकीना ठाकुर उन युवाओं की मिसाल हैं, जो सपनों को सिर्फ सोचते नहीं, उन्हें जीते भी हैं। एमए इतिहास की डिग्री लेने के बाद सकीना ने जिम और मॉडलिंग के ग्लैमर वर्ल्ड या सरकारी नौकरी की सुरक्षित राह को नहीं चुना  बल्कि उन्होंने हाथ में गाय की रस्सी थामी और पांव खेतों में उतार दिए। जहां गांव के कुछ लोग 'गाय-गोबर' कहकर हंसते रहे, वहीं सकीना ने उसी गोबर से अपनी मेहनत की सुगंध रच दी।

जहां ताने मिले, वहीं से मिला साहस

कोटली उपमंडल के कून गांव की इस युवा बेटी के लिए शुरुआत आसान नहीं थी। आसपास के लोगों ने ताने मारे — “इतनी पढ़ाई करके क्या यही करना था?” लेकिन सकीना डरी नहीं। उन्होंने चिंता देवी जैसी ग्रामीण महिलाओं और यूट्यूब वीडियो से डेयरी के बारे में सीखा। फिर गांव के बैंक से दो लाख का कर्ज लिया और अपने सवा लाख की बचत लगाकर जुलाई 2024 में ‘सकीना डेयरी फार्म’ की नींव रखी।

 

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जब सपना बना संघर्ष

शुरुआत में मां और भाई-बहनों का सहयोग नहीं मिला, लेकिन आज वही लोग उनकी ताकत बन चुके हैं। बठिंडा के गुरविंदर फार्म से उन्होंने उच्च नस्ल की होल्सटीन फ्रिजियन गाएं खरीदीं, जो अधिक मात्रा में प्रोटीनयुक्त दूध देती हैं। सकीना अब रोजाना उच्च गुणवत्ता का दूध मंडी पहुंचा रही हैं, जो न सिर्फ स्वाद में बेहतर है, बल्कि स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचा रहा है।

 

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सिर्फ दूध नहीं, सोच भी बदल रही सकीना

आज सकीना न सिर्फ एक सफल डेयरी उद्यमी हैं, बल्कि ग्रामीण बेटियों की सोच को भी बदल रही हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि काम छोटा या बड़ा नहीं होता, सोच बड़ी होनी चाहिए। वे अब चाहती हैं कि आने वाले समय में और भी लड़कियां खुद का व्यवसाय शुरू करें और आत्मनिर्भर बनें।

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