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January 25, 2026
धैर्य और जज्बे की जीत! हिमाचल के छोटे से गांव की बेटी बनी बड़ी अफसर, रचा इतिहास
बेटी की मेहनत और परिवार का साथ बना सफलता की चाबी
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सोलन। कहते हैं कि अगर हौसलों की उड़ान ऊंची हो- तो पहाड़ भी रास्ता दे देते हैं। ऐसा ही कर दिखाया है, हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की शगुन शुक्ला ने। इस बेटी ने अपनी मेहनत और लगन से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। हाल ही में शगुन का चयन कृषि विकास अधिकारी (ADO) के पद पर हुआ है। यह खबर आते ही उनके गांव और आसपास के इलाकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह बेटी सोलन जिले के अर्की क्षेत्र के छामला गांव की रहने वाली है। शगुन शुक्ला ने अपनी मेहनत और लगन से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।बता दें कि शगुन की पढ़ाई‑लिखाई हमेशा से ही शानदार रही है।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा DAV स्कूल, दाड़लाघाट से पूरी की। कृषि के क्षेत्र में गहरी रुचि होने की वजह से उन्होंने चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर से MSC (कृषि) की डिग्री हासिल की।
पढ़ाई में रुचि और मेहनत को और आगे बढ़ाते हुए शगुन अब पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना से PHD कर रही हैं। शगुन का परिवार भी बहुत साधारण और शिक्षित है। उनके पिता रमेश शुक्ला व्यवसाय करते हैं और माता अनुपमा शुक्ला शिक्षा विभाग में अध्यापिका हैं। शगुन अपनी सफलता का श्रेय अपने माता‑पिता के त्याग और मेहनत, गुरुजनों के मार्गदर्शन और दोस्तों के लगातार प्रोत्साहन को देती हैं।
बेटी की इस सफलता पर उनके गांव और क्षेत्र के लोग भी बहुत खुश हैं। पंचायत प्रतिनिधियों, समाज सेवियों और स्थानीय ग्रामीणों ने शगुन और उनके परिवार को बधाई दी। सभी ने कहा कि शगुन की यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे इलाके की बेटियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
लोगों का मानना है कि शगुन जैसी मेहनती और होनहार बेटियां क्षेत्र का नाम रोशन करती हैं और आने वाले समय में भी ऐसे ही लोग समाज और देश के लिए उदाहरण बनेंगे। शगुन की लगन, पढ़ाई और लक्ष्य‑निष्ठा ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और जूनून से किसी भी मुकाम को पाया जा सकता है।