#उपलब्धि
May 28, 2025
हिमाचल : नर्सिंग ऑफिसर बनी गांव की बेटी, खुशी से भावुक हुए माता-पिता; नहीं थम रहे आंसू
बचपन से ही पढ़ने में होशियार थी मनीषा मोहिनी
शेयर करें:

चंबा। हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में बेटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। सरकारी व निजी क्षेत्रों में बेटियां कई बड़े पदों पर विराजमान हैं। इसी कड़ी में अब चंबा जिला की एक और होनहार बेटी ने प्रदेश का नाम रोशन किया है।
शकुंतला मेमोरियल BSC कॉलेज ऑफ नर्सिंग की पूर्व छात्रा मनीषा मोहिनी का चयन देश के प्रतिष्ठित संस्थान AIIMS दिल्ली में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर हुआ है। यह उपलब्धि मनीषा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे चंबा जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।
मनीषा की इस सफलता से जहां उनके परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं उनके शिक्षकों और पूर्व सहयोगियों ने भी इस पर हर्ष जताया है। मनीषा के इस सफलता से उनके माता-पिता बेहद खुश हैं। उनके खुशी के आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।
मूल रूप से चंबा जिले के उपमंडल चुराह की रहने वाली मनीषा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय उदयपुर से प्राप्त की थी। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही मनीषा ने नर्सिंग क्षेत्र को अपने करियर के रूप में चुना और कड़ी मेहनत से उसमें उत्कृष्टता हासिल की।
BSC नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद मनीषा शकुंतला मेमोरियल BSC कॉलेज ऑफ नर्सिंग में क्लिनिकल इंस्ट्रक्टर के रूप में सेवाएं दे रही थीं। उन्होंने न केवल पढ़ाई में बल्कि पेशेवर प्रशिक्षण में भी अपनी कुशलता और अनुशासन का परिचय दिया।
कॉलेज प्रबंधन ने भी मनीषा की सफलता को गर्व का विषय बताते हुए उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी है। कॉलेज के चेयरमैन नवीन चौणा और निदेशक आभा चौणा ने कहा कि मनीषा शुरू से ही पढ़ने-लिखने में होनहार थी और उसने अपने धैर्य और लगन के बलबूते यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने यह भी कहा कि मनीषा की यह सफलता वर्तमान व भविष्य के सभी प्रशिक्षु छात्रों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनेगी।
मनीषा मोहिनी ने भी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, शिक्षकों और कॉलेज स्टाफ को दिया है। उन्होंने कहा कि एक दिशा में लगातार और केंद्रित मेहनत करने से ही सफलता मिलती है। मनीषा ने युवाओं से अपील की कि वे भटकाव से बचें और जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। मनीषा का कहना है कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, लेकिन संघर्ष और समर्पण के साथ किया गया कार्य एक दिन अवश्य रंग लाता है।
कॉलेज के चेयरमैन नवीन चौणा ने भी यह कहा कि मनीषा की सफलता से कॉलेज को गर्व की अनुभूति हुई है और उनकी इस कामयाबी से न केवल संस्थान की गरिमा बढ़ी है, बल्कि यह बाकी प्रशिक्षुओं के लिए भी एक अनुकरणीय मिसाल बनेगी। मनीषा की सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों से भी बेटियां अगर ठान लें तो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में परचम लहरा सकती हैं।