#उपलब्धि
February 6, 2026
हिमाचल : पिता ने दुकानदारी कर पढ़ाई बेटी, JRF परीक्षा में लाडली ने लहराया परचम
सरीना ने की UGC - NET की परीक्षा पास
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सिरमौर। सीमित संसाधनों और कठिन हालातों के बावजूद जब हौसले मजबूत हों, तो सफलता जरूर कदम चूमती है। ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से सामने आया है, जहां एक साधारण दुकानदार पिता ने मेहनत-मजदूरी कर बेटी को पढ़ाया, और उसी बेटी ने JRF परीक्षा पास कर परिवार ही नहीं, पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया।
बता दें कि सिरमौर जिले के रेणुका और राजगढ़ क्षेत्र की एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली बेटी ने अपनी मेहनत और मजबूत इरादों के बल पर बड़ी शैक्षणिक सफलता हासिल कर ली है। नौहराधार तहसील के गांव पुन्नरधार की रहने वाली सरीना कुमारी ने वाणिज्य विषय में UGC - NET (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
सरीना कुमारी के पिता राजेन्द्र सिंह राजगढ़ बाजार में एक छोटी दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी माता राधा देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में सेवाएं दे रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने सरीना की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
सरीना ने बताया कि उनका सपना कॉमर्स विषय में प्रोफेसर बनने का है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने बिना किसी कोचिंग के यूजीसी नेट परीक्षा की तैयारी की और अपनी मेहनत के दम पर यह महत्वपूर्ण परीक्षा पास की।
सरीना ने वर्ष 2019 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला राजगढ़ से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद वर्ष 2022 में राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ से बीकॉम की डिग्री प्राप्त की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला से वर्ष 2025 में वाणिज्य विषय में एमकॉम की डिग्री हासिल की।
सरीना की इस सफलता पर शिक्षकों ने खुशी जताते हुए कहा कि यह उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार प्रयासों का नतीजा है। शिक्षकों का मानना है कि सरीना की उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों, खासकर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों की बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।
UGC - NET परीक्षा में सफलता हासिल करने पर सरीना को क्षेत्रवासियों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों की ओर से लगातार बधाइयां मिल रही हैं। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि मजबूत इरादों और मेहनत के बल पर पहाड़ी क्षेत्रों की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।