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February 6, 2026

हिमाचल : पति ने दिया साथ, पत्नी की मेहनत लाई रंग- दो बच्चों की मां ने क्वालीफाई किया NET

सीमा ने पहले प्रयास में पाई सफलता- बढ़ाया पति का मान

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TWO KIDS MOTHER SEEMA QUALIFIED UGC NET SIRMAUR HIMACHAL

सिरमौर। कहते हैं अगर मन में कुछ कर दिखाने की इच्छा हो तो कोई भी बाधा इंसान को रोक नहीं सकती। सिरमौर जिले की सीमा देवी ने ये साबित भी कर दिखाया है। सीमा ने दो बच्चों की परवरिश करने के साथ-साथ अपने सपने को साकार किया है।

सीमा की मेहनत लाई रंग

संगड़ाह से सटे गांव टीकरी की रहने वाली सीमा देवी ने अपने मजबूत हौसले और निरंतर मेहनत से यह साबित कर दिया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि इरादे अडिग हों तो सफलता जरूर कदम चूमती है।

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दो बच्चों की मां ने क्वालीफाई किया NET

दो बच्चों की परवरिश और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच सीमा देवी ने पहले ही प्रयास में UGC-NET उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव और आसपास के इलाकों में गर्व और खुशी का माहौल है।

संघर्षों में बीता बचपन

सीमा देवी का जीवन शुरू से ही संघर्षों से भरा रहा है। बचपन में ही पिता का निधन हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के कारण उनकी पढ़ाई भी खतरे में पड़ गई थी, लेकिन उनकी मां ने हिम्मत नहीं हारी।

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मां बनीं सबसे बड़ा सहारा

मां ने विपरीत हालातों में भी बेटी का साथ दिया और शिक्षा को सबसे बड़ी पूंजी मानते हुए सीमा को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इसी संबल के चलते सीमा ने कभी हार नहीं मानी और पढ़ाई में लगातार बेहतर प्रदर्शन करती रहीं।

पढ़ाई में शुरू से रही अव्वल

सीमा देवी शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। बड़ग जमा दो विद्यालय में पढ़ाई के दौरान उन्होंने अपनी मेहनत का लोहा मनवाया और +2 की टॉपर सूची में अपना नाम दर्ज कराया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें सरकार की ओर से लैपटॉप भी प्रदान किया गया था। यह सम्मान उनके लिए आगे की पढ़ाई का मजबूत आधार बना और उन्होंने शिक्षा को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया।

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शादी के बाद पति ने खूब पढ़ाया

वर्ष 2018 में विवाह के बाद अक्सर लड़कियों के सपने पारिवारिक जिम्मेदारियों के बोझ तले दब जाते हैं, लेकिन सीमा देवी ने इसके उलट रास्ता चुना। उन्होंने अपने सपनों से समझौता करने के बजाय उन्हें और मजबूती से पकड़ लिया। वर्ष 2019 में उन्होंने राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने क्रमशः जेबीटी, बीएड और हिंदी में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।

पति ने दिया पूरा साथ

इस पूरे सफर में उनके किसान पति रामानंद का सहयोग उल्लेखनीय रहा। पति ने न केवल उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया, बल्कि घर और बच्चों की जिम्मेदारियों में भी पूरा साथ दिया। दो छोटे बच्चों की देखभाल के साथ पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन सीमा ने अनुशासन और समय प्रबंधन के बल पर हर चुनौती को पार किया।

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पहले प्रयास में पाई सफलता

हाल ही में घोषित UGC-NET परिणाम में सीमा देवी के सफल होने की खबर जैसे ही सामने आई, परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। रिश्तेदारों, गांव के लोगों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाइयों से सराबोर कर दिया।

पूरे परिवार में खुशी की लहर

हर कोई उनकी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की सराहना कर रहा है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर इस प्रतिष्ठित परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करना क्षेत्र के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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हजारों महिलाओं के लिए बनीं मिसाल

सीमा देवी की सफलता सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उन हजारों गृहणियों और ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते अपने सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती और यदि परिवार का सहयोग व आत्मविश्वास साथ हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।

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