#उपलब्धि
September 17, 2025
हिमाचल की बेटी साक्षी बनीं पंजाब यूनिवर्सिटी की टॉपर, शादी के बाद दी सपनों को उड़ान
साक्षी भंडारी बनीं गोल्ड मेडलिस्ट
शेयर करें:

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की एक बहू ने यह साबित कर दिया कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो कोई भी परिस्थिति इंसान की राह नहीं रोक सकती। ऐसा कुछ कर दिखाया है साक्षी भंडारी ने, जिन्होंने शादी के बाद भी शिक्षा के क्षेत्र में ऊँचाइयाँ छूते हुए एक नया मुकाम हासिल किया है।
जानकारी के अनुसार, जिला कांगड़ा के तहत आते सुलह विधानसभा क्षेत्र के थुरल उपमंडल के गांव मूंढी की साक्षी दरअसल, पंचरुखी के टिक्कर गांव में जन्मी शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं। अपनी लगन और मेहनत के बल पर उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।
यह भी पढ़ें : "इधर 24 करोड़ का लोन माफ़ हुआ: उधर RS बाली की पत्नी ने होटल को ही खरीद लिया"
हाल ही में घोषित 2024 के परिणामों में उन्होंने एम.कॉम. (मास्टर ऑफ कॉमर्स) में 98% अंक हासिल कर टॉपर बनने का गौरव पाया। इतना ही नहीं, दीक्षांत समारोह में उन्हें स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया गया। इससे पहले वे केएलबी कॉलेज, पालमपुर से बीएड की पढ़ाई में भी बेहतर प्रदर्शन कर चुकी हैं।
साक्षी का कहना है कि, उनकी सफलता के पीछे सबसे बड़ी ताकत उनका परिवार है। पिता पूर्व सैनिक राजकुमार भंडारी और माता सुमन भंडारी ने हमेशा उन्हें शिक्षा को प्राथमिकता देने की सीख दी।
यह भी पढ़ें : मंत्री विक्रमादित्य ने किया खुलासा, कब होगा स्व. राजा वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण, जानें
शादी के बाद उनके जीवनसाथी विशाल मन्हास, जो भारतीय सेना में कार्यरत हैं, और ससुराल वालों ने भी हर कदम पर उनका पूरा साथ दिया। ससुर जशपाल मन्हास ने भी उन्हें निरंतर प्रोत्साहित किया कि वे अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ें और आगे बढ़ती रहें।
साक्षी भंडारी का मानना है कि शादी के बाद भी लड़कियों को अपनी पढ़ाई और करियर को जारी रखने का मौका मिलना चाहिए। घर के कामों तक उन्हें सीमित करना उनकी प्रतिभा को दबाने के बराबर है।
वे कहती हैं, “यदि परिवार सहयोग दे, तो बहुएं और बेटियां हर क्षेत्र में नाम कमा सकती हैं। शादी के बाद भी उच्च शिक्षा पाना और सपनों को पूरा करना संभव है।”
साक्षी की यह उपलब्धि उन सभी परिवारों और युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो मानते हैं कि शादी के बाद जीवन की दिशा बदल जाती है। उन्होंने अपने जुनून और परिवार के सहयोग से यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से हर सपना पूरा किया जा सकता है।