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February 26, 2025

हिमाचल: सोशल मीडिया से बनाई दूरियां, सेल्फ स्टडी कर JEE टॉपर बना वासु

जीत का मंत्र- पढ़ाई को बोझ नहीं मानो, डिजिटल डिटॉक्स और पॉजिटिव थिंकिंग

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VASU SHARMA

शिमला। जीत उन्हीं की होती है, जो लगातार संघर्ष करते हैं, गलतियों से सीखते हैं और कभी हार नहीं मानते। इसी सोच ने शिमला के 19 वर्षीय वासु शर्मा को जेईई मेन्स पेपर-2 में हिमाचल का टॉपर बना दिया। उन्होंने 99.87 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर में 18वीं रैंक हासिल की। पिछले साल वासु की रैंक 7000 थींथीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। एक साल का ड्रॉप लिया और सेल्फ स्टडी के सहारे बी. आर्क स्ट्रीम में पसंद के कॉलेज को चुन लिया। 

कभी हार न मानो 

वासु रोज 6 घंटे तक पढ़ाई करते हैं। उनके लिए स्टडी कोई बोझ नहीं है। केवी जाखू से प्लस टू तक की पढ़ाई करने वाले वासु शर्मा ने परीक्षा से 2 माह पहले सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी। उन्होंने प्राइवेट कोचिंग पर भरोसा नहीं किया, बल्कि ऑनलाइन जो भी मटीरियल फ्री में उपलब्ध था, उसी से काम चलाया और फोकस्ड होकर पढ़ाई की। जिन छात्रों को इस परीक्षा में सफलता नहीं मिली, उनके लिए वासु ने कहा कि कभी हार नहीं माननी चाहिए, बस ईमानदारी से कोशिश जारी रखनी चाहिए.

 

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परिवार ने कभी नहीं बनाया दबाव 

वासु की सफलता के पीछे उनके पिता नीरज शर्मा और मां बिंदु शर्मा का भी बड़ा योगदान है. परिवार ने कभी अच्छे स्कोर के लिए वासु पर दबाव नहीं बनाया। हमेशा बिना दबाव के पढ़ाई करने की प्रेरणा दी। वासु ने दिन में 20-30 मिनट ही मोबाइल पर समय बिताए। इतना ही काफी होता है. 

 

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शतरंज खेलना पसंद

वासु एक अच्छा आर्किटेक्ट बनना चाहते हैं. खाली वक्त में वासु को अपने छोटे भाई के साथ शतरंज खेलना पसंद है। उन्होंने कहा कि परिवार से उन्हें बिना किसी दबाव के अपनी पढ़ाई को ईजी गोइंग तरीके से पूरा करने की प्रेरणा मिली और इसी के कारण वे आर्किटेक्ट बनने के अपने सपने को पूरा कर पाएंगे।

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