#हादसा

August 16, 2025

हिमाचल : जन्माष्टमी पर दुनिया के सबसे ऊंचे मंदिर जा रहे श्रद्धालु पत्थरों की चपेट में आए, थमी सांसें

पहाड़ से गिरे भारी भरकम पत्थर

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Yula Kanda Landslide

रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में कृष्ण जन्माष्टमी की काफी धूम मची हुई है। इसी बीच हिमाचल में स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे कृष्ण मंदिर से बेहद दुखद खबर सामने आई है। मंदिर में श्री कृष्ण के दर्शन करने के लिए जा रहे दो लोगों की मौत हो गई है।

कृष्ण मंदिर जा रहे दो लोगों की मौत

बताया जा रहा है कि दोनों लोगों की मौत पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण हुई है। दोनों मृतक बाहरी राज्य से श्री कृष्ण के दर्शन करने के लिए हिमाचल आए थे। फिलहाल, मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है।  श्रद्धालुओं की मौत के बाद मंदिर जाने वाले लोगों में माहौल गमगीन बना हुआ है।

मृतक की पहचान

इस हादसे में एक महिला और परुष की मौत हुई है। दोनों श्रद्धालु दिल्ली के रहने वाले बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान-

  • प्रशील बागमारे (27) निवासी रामा बिहार की गली नंबर-4
  • रश्मि (25) निवासी अर्जुन बेस, नवाबगढ़

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पहाड़ी से गिरे पत्थर

उधर, हादसे की सूचना मिलते ही क्यूआरटी टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। पहाड़ी से पत्थर गिरते देख घटनास्थल पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने अपील की है कि मौसम खराब बना हुआ है- ऐसे में सुरक्षित स्थानों पर ही विश्राम करें और नदी-नालों की तरफ ना जाएं।

दुनिया का सबसे ऊंचा कृष्ण मंदिर

आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में देश का सबसे ऊंचा कृष्ण मंदिर है। किन्नौर जिले में युला कांडा नाम का ट्रेक है। इसके जरिए आप भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर पहुंच सकते हैं। हिमालय के रास्ते लंबी पैदल यात्रा करके आप भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित विश्व के सबसे ऊंचे मंदिर तक पहुंच सकते हैं। 

 

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मंदिर के बीच एक झील

ये मंदिर एक झील के बीच स्थित है। स्थानीय लोग मानते हैं कि इस झील का निर्माण पांचों पांडवों ने अपने वनवास के समय किया था। इसे भगवान शिव के लिए समर्पित किया गया था। ट्रेक की शुरुआत युला खास गांव से होती है जो आपको भगवान श्रीकृष्ण के इस खूबसूरत मंदिर तक ले जाता है। बता दें कि यहां जाने के दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं। लोग काशांग दर्रे से ट्रेक कर सकते हैं या लिस्टिगरंग दर्रे का रास्ता भी ले सकते हैं।

किन्नौर से 12 किमी दूर

लिस्टिगरंग दर्रे का ट्रेक थोड़ा सा मुश्किल है लेकिन थोड़ी सी ज्यादा मेहनत के साथ आप ये ट्रेक कर सकते हैं। इसके लिए सबसे अच्छा वक्त मई के बीच से नवंबर के बीच तक है। किन्नौर गांव और श्रीकृष्ण मंदिर की दूरी 12 किलोमीटर है। आप अपनी यात्रा को अच्छे से प्लैन कर ही इस ट्रेक पर निकलें।

 

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दूर-दूर से आते हैं लोग

कृष्ण मंदिर में हर साल जन्माष्टमी का त्योहार धूम-धाम से मनाया जाता है। हर वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर किन्नौर और हिमाचल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लोग इस मंदिर में आते हैं। आप भी अगर धार्मिक स्थानों पर जाने के शौकीन हैं या आपको कृष्ण भगवान में अटूट आस्था है तो आपको भी इस मंदिर के दर्शन करने चाहिए।

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