#हादसा
June 1, 2025
हिमाचल : सालगिरह मनाने आया था परिवार, केक काटने की थी तैयारी; मां-बेटी पर गिरा पेड़
बेटी और दामाद के साथ शादी की सालगिरह मनाने आए थे माता-पिता
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुए एक भयानक हादसे चंद मिनटों में हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। मणिकर्ण घाट के पास सुमा रोपा में एक विशाल देवदार का पेड़ गिरने से मां-बेटी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है।
बताया जा रहा है कि दोनों मां-बेटी अपने परिवार के साथ शादी की सालगिरह मनाने के लिए कुल्लू-मणिकर्ण घाटी आई थी। मगर इस हादसे ने उनकी सारी खुशियों को मातम में बदल दिया है।
बताया जा रहा है कि महिला अपने पति गुरबचन सिंह, बेटी, दामाद और अन्य परिजनों के साथ कुल्लू-मनाली घूमने आए थे। शनिवार को पूरे परिवार ने मणिकर्ण घाटी में स्थित पार्वती नदी किनारे सुमा रोपा क्षेत्र में घूमने का कार्यक्रम बनाया और दोपहर के समय वहां पहुंचा।
परिजन शादी की सालगिरह का केक कुल्लू में काटने वाले थे। मगर यह पल खुशी का न होकर जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी में बदल गया, जब अचानक तेज हवाओं के चलते एक भारी-भरकम देवदार का पेड़ मां-बेटी पर गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पेड़ की चोट से दोनों के शरीर क्षत-विक्षत हो गए, हड्डियां टूट गईं और आंतें तक बाहर आ गईं। मृतकों की पहचान अविनाश कौर (56) और उनकी बेटी निशु वर्मा (37) निवासी लुधियाना के रूप में हुई है।
घटना के बाद परिवार के अन्य सदस्य और आसपास मौजूद पर्यटकों ने कड़ी मशक्कत से दोनों को पेड़ के नीचे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। शादी की सालगिरह के जश्न की तैयारी कर रहे गुरबचन सिंह ने एक ही पल में अपनी पत्नी और बेटी दोनों को खो दिया, जिससे परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिजनों की आंखों के सामने यह त्रासदी घटी, और अब पूरे परिवार का माहौल मातम में डूब गया है। एक तरफ जहां पर्यटन स्थल पर एक हंसता-खेलता परिवार जश्न की तैयारी में था, वहीं दूसरी तरफ कुछ ही मिनटों में दो जिंदगियां खत्म हो गईं और पूरे परिवार पर दुखों का अंधेरा छा गया।
सूचना मिलने पर मणिकर्ण थाना प्रभारी संजीव वालिया अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए नदी-नालों, ऊंचे पेड़ों और असुरक्षित क्षेत्रों में जाने से बचें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।