#हादसा
November 30, 2025
हिमाचल : पेड़ से बाइक की जोरदार टक्कर, घर लौट रहे शख्स के निकले प्राण- सदमे में परिवार
परिजनों को फोन पर मिली खबर, मची चीख-पुकार
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला कांगड़ा जिले के गग्गल पुलिस थाने से सामने आया है- जहां एक व्यक्ति की असमय मौत ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार जसौर निवासी लेखराज (50) बीती रात अपनी मोटरसाइकिल पर चैतड़ू से मटौर की ओर जा रहा था। इसी दौरान नियंत्रण खोने से बाइक सड़क किनारे मौजूद एक पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि लेखराज गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी और घायल को प्राथमिक उपचार के बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के चलते देर रात उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम करवाने के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया है। हादसे में बाइक के भी परखच्चे उड़ गए हैं।
परिजनों में शोक का माहौल है, वहीं गांव में भी यह घटना गहरी पीड़ा छोड़ गई है। लेखराज की असमय और अचानक हुई मौत ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है। लेखराज की मौत के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
हिमाचल में बीते कुछ महीनों से सड़क हादसों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पहाड़ी सड़कों पर तेज रफ्तार, रात के समय सीमित दृश्यता और कई बार सड़क किनारों की सुरक्षा व्यवस्था की कमी दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है। कांगड़ा जिला भी इससे अछूता नहीं है-कभी खाई में गिरने से, तो कभी वाहन अनियंत्रित होकर पेड़ या दीवार से टकराने से लोगों की जान जा रही है।
स्थानीय लोग मानते हैं कि रात के समय सड़क पर मोड़ अधिक खतरनाक साबित होते हैं, खासकर तब जब सड़क पर पर्याप्त कैट-आई, रिफ्लेक्टर या स्ट्रीट लाइट न हों। ऐसे में बाइक सवारों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। इस ताजा हादसे में भी प्रारंभिक अनुमान यही है कि तेज रफ्तार या अचानक मोड़ पर नियंत्रण खोने से बाइक पेड़ से जाकर टकराई।
पुलिस बार-बार लोगों से रफ्तार पर नियंत्रण रखने और रात के समय हेलमेट सहित सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की अपील करती रही है। बावजूद इसके हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा। ऐसे में जरूरत है कि सड़क सुरक्षा पर जागरूकता के साथ-साथ सड़कों पर सुरक्षा प्रबंधों को भी मजबूत किया जाए।