#हादसा
June 27, 2025
हिमाचल : संजीव की आंखों के सामने बह गया परिवार, बाढ़ से सामान बचाने गए थे पिता और बहन
कुल्लू के बिहाली गांव की आपदा ने छीना संजीव का संबल, अब मां और दो छोटे भाइयों की जिम्मेदारी उसी पर
शेयर करें:

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में जीवा नाला में बादल फटने से आई बाढ़ ने जहां एक पूरे गांव को उजाड़ दिया, वहीं 22 वर्षीय संजीव कुमार की जिंदगी में ऐसा जख्म छोड़ गई जिसे वह ताउम्र भूल नहीं सकेगा। बुधवार दोपहर की वो खौफनाक घड़ी संजीव की ज़िंदगी की सबसे काली लकीर बन गई, जब पिता नंद लाल (72), बहन मूर्ति देवी (15) और बुआ यान दासी (67) बाढ़ की चपेट में आकर लापता हो गए।
संजीव अब घर का सबसे बड़ा बेटा है, लेकिन उसका दिल पिता की तलाश में भटक रहा है, आंखें बहन को पुकार रही हैं और मन हर पल बुआ के हाथों का सहारा ढूंढ रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि अब उसे ही मां लीला देवी, छोटे भाई भाग सिंह (22) और नन्हे कृष्ण (4) के लिए पिता बनना है, सहारा बनना है। अब उसका भविष्य नहीं, परिवार की ज़रूरतें उसकी प्राथमिकता हैं।
संजीव के चचेरे भाई बीर सिंह की आंखों में भी वह मंजर बसा है जब सब कुछ उजड़ गया। उन्होंने बताया कि नंद लाल, मूर्ति देवी और यान दासी को पानी सिर्फ चार फीट की दूरी से बहा ले गया। मलबे की रफ्तार और पानी की उग्रता ने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया।
इस त्रासदी में न सिर्फ लोगों की जान गई, बल्कि बिहाली गांव के पांच घर पूरी तरह बह गए, 15 भेड़ें और कई गायें भी जलप्रलय में समा गईं। गांव के लोग अभी भी सन्न हैं, मलबे में अपनों को ढूंढ रहे हैं।