#हादसा
April 26, 2026
हिमाचल में जम्मू के युवक की मौ*त : डैम साइट पर करता था काम, परिजनों ने कंपनी पर जड़े आरोप
वेल्डिंग का काम करते 40 फीट ऊंचाई से गिरा
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चंबा। रोज़ी-रोटी की तलाश में लोग अपने घर-गांव से दूर इस उम्मीद के साथ जाते हैं कि वहां जाकर उनके हालात बेहतर होंगे और परिवार की जिंदगी संवर जाएगी, लेकिन कई बार यही सफर दर्दनाक हादसों में बदल जाता है। ऐसी ही एक दुखद घटना में जिला चंबा के एक युवक की जम्मू-कश्मीर में काम के दौरान गिरकर मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर है।
हादसा जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में पेश आया है। युवक पिछले करीब एक साल से किश्तवाड़ में एक डैम प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था, इसलिए उसकी मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
परिजनों ने बताया कि उनका बेटा अक्सर फोन पर अपने काम को लेकर खुश रहता था और कहता था कि उसकी नौकरी ठीक चल रही है और वह कंपनी में अच्छे लेवल पर पहुंच गया है। लेकिन अचानक आई इस खबर ने पूरे परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया।
हादसा उस समय हुआ जब युवक सुबह की ड्यूटी के दौरान लगभग 40 फीट ऊंचाई पर वेल्डिंग का काम कर रहा था। इसी दौरान वह नीचे गिर गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जम्मू के राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में ही करीब 4 बजे उसकी मौत हो गई।
मनीष कुमार उम्र 24 साल निवासी भरमौर, जिला चंबा के रूप में हुई है।
परिजनों का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद कंपनी ने उन्हें समय पर सूचना नहीं दी। उनका यह भी कहना है कि घटना की जानकारी पुलिस को भी सही समय पर नहीं दी गई और मामले को दबाने की कोशिश की गई। परिवार का आरोप है कि उन्हें जल्दबाजी में शव को ले जाने का दबाव भी बनाया गया, जिससे उन्हें शक और गहरा हो गया।
सबसे गंभीर आरोप सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगाए गए हैं। हादसे के समय मौजूद एक साथी कर्मचारी ने बताया कि मनीष को ऊंचाई पर बिना सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के काम पर लगाया गया था। उसका कहना है कि वेल्डिंग के दौरान जिस प्वाइंट पर वह काम कर रहा था, वह टूट गया, जिससे वह सीधे नीचे गिर गया।
साथ ही अन्य कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया है कि यदि वे खुद अपनी सुरक्षा के लिए सेफ्टी उपकरण मांगते हैं तो उनके वेतन से पैसे काट लिए जाते हैं या दबाव बनाया जाता है। इस वजह से कई बार कर्मचारी मजबूरी में बिना सुरक्षा उपकरण के ही खतरनाक काम करने को मजबूर हो जाते हैं।
इस पूरे मामले को लेकर कंपनी की तरफ से भी बयान सामने आया है। कंपनी के अधिकारी श्रृषि कुमार ने कहा है कि इस घटना की आंतरिक जांच की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि कंपनी की ओर से सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है और कर्मचारियों को जरूरी सेफ्टी उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मजदूर ठेकेदारों के माध्यम से काम पर आते हैं, इसलिए यह भी जांच का विषय है कि कहीं ठेकेदार की ओर से कोई लापरवाही तो नहीं हुई। कंपनी अधिकारी ने मनीष की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और कंपनी नियमों के अनुसार मृतक के परिवार को मुआवजा दिया जाएगा।