#हादसा
February 24, 2026
हिमाचल: जड़ी-बूटियों की तलाश में जंगल गया शख्स नहीं लौटा- सुबह 150 फुट गहरी खाई में मिली देह
सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन कर खाई से निकाला शव
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ऊना। पहाड़ी इलाकों में कई लोग अपने परिवार का पेट पालने के लिए जंगलों का रुख करते हैं। कोई लकड़ी लेने जाता है तो कोई जड़ी-बूटियां इकट्ठा कर अपनी रोजी-रोटी कमाता है। लेकिन इन जंगलों के रास्ते अक्सर बेहद दुर्गम और खतरनाक होते हैं, जहां एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा जिला ऊना में सामने आया है, जहां जड़ी-बूटियां लेने जंगल गए एक व्यक्ति की पैर फिसलने से गहरी खाई में गिरकर मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला ऊना के चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले सारड़ा (चाहबाग) गांव का है। यहां पर एक 36 वर्षीय व्यक्ति की गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है और गांव का माहौल गमगीन हो गया है।
परिवार वालों ने बताया कि नंद लाल रविवार दोपहर को रोज की तरह घर से पास के जंगल में जड़ी-बूटियां लेने के लिए निकले थे। गांव के कई लोग जंगल से जड़ी-बूटियां इकट्ठा कर अपनी आजीविका चलाते हैं, और नंद लाल भी इसी काम से जुड़े थे। दोपहर तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन जब शाम ढलने लगी और वह घर वापस नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी।
शाम से रात होने तक परिवार वाले उनका इंतजार करते रहे। जब काफी देर हो गई और उनका फोन भी नहीं लग रहा था, तो घरवालों ने आसपास के लोगों को साथ लेकर जंगल की तरफ तलाश शुरू की। काफी देर तक खोजबीन करने के बाद एक ढांक (गहरी खाई) के किनारे उनकी टोपी, मोबाइल फोन और दराट (घास काटने का औजार) पड़ी मिली। यह सामान देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। उन्हें तुरंत अंदेशा हो गया कि शायद कोई बड़ा हादसा हो गया है।
परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। रात का समय था और खाई करीब 150 फुट गहरी बताई जा रही थी। अंधेरा और दुर्गम रास्ता होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना बेहद मुश्किल था। पुलिस ने देर रात तक कोशिश की, लेकिन हालात अनुकूल न होने के कारण शव को बाहर नहीं निकाला जा सका।
सोमवार सुबह मामले की गंभीरता को देखते हुए DSP अनिल पटियाल की देखरेख में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को मौके पर बुलाया गया। उनके साथ होमगार्ड और पुलिस के जवान भी मौजूद रहे।
सभी ने मिलकर एक संयुक्त और कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से जवान गहरी खाई में उतरे। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और जोखिम भरे प्रयासों के बाद आखिरकार शव को बाहर निकाला गया।
नंद लाल उम्र 36 साल सारड़ा गांव (चाहबाग) जिला ऊना के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यही लग रहा है कि नंद लाल का पैर फिसल गया होगा और संतुलन बिगड़ने से वह सीधे खाई में जा गिरे। हालांकि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के असली कारणों की पुष्टि हो सके। मामले की आगे की जांच जारी है।