#हादसा
May 22, 2025
हिमाचल: घर से खेतों में गया शख्स परिजनों को इस हाल में मिला; थम चुकी थी सांसें
खेत में पेड़ से लसोड़े तोड़ने गया था व्यक्ति
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ऊना। हिमाचल प्रदेश में आए दिन हो रहे हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। प्राकृतिक सौंदर्य के लिए मशहूर यह पहाड़ी राज्य अब दुर्घटनाओं और असमय मौतों की खबरों से भी चर्चा में रहने लगा है। ताजा मामला ऊना जिला से सामने आया है। यहां एक व्यक्ति की खेत में लाश मिली है। यह व्यक्ति खेत में गया था। काफी देर तक वापस घर नहीं लौटने पर जब उसके परिजन उसे ढूंढने गए तो उन्हें खेत में उसका शव मिला।
मामला ऊना जिला के उपमंडल अंब की ग्राम पंचायत ज्वार से सामने आया है। मृतक व्यक्ति की पहचान सतीश कुमार पुत्र मेहर चंद निवासी ज्वार जिला ऊना के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि सतीश कुमार खेत में पेड़ से लसोड़े (एक स्थानीय सब्जी) को तोड़ने के लिए गया था। लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। इसी बीच मौसम भी खराब हो गया और तेज अंधड़ के साथ बारिश शुरू हो गई।
अंधड़ और बारिश रूकने के बाद जब परिजन व्यक्ति की तलाश में निकले तो उन्हें वह खेत में पेड़ के नीचे पड़ा मिला। माना जा रहा है कि व्यक्ति लसोड़े तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ा होगा और पैर फिसलने से वह नीचे गिर गया। बारिश और अंधड़ के चलते काफी देर तक खेत में पड़े रहने के चलते उसकी मौत हो गई।
हालांकि खेत में पहुंचे परिनज तुरंत ही सतीश कुमार को उठाकर सिविल अस्पताल अंब लेकर पहुंचे। लेकिन वहां मौजूद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी अंब वसुधा सूद ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम के उपरांत शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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यह घटना कोई अकेली नहीं है। हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में पेड़ों से गिरने, पहाड़ी रास्तों पर फिसलने और खड्डों और नदियों में डूबने से आए दिन लोगों की मौत हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम, असमय बारिश और लोगों की असावधानी मिलकर इन हादसों की संख्या में इज़ाफा कर रहे हैं। राज्य सरकार और प्रशासन के लिए यह एक चेतावनी है कि ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएए साथ ही लोगों को सावधानी और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी जाए।