#हादसा
March 6, 2026
हिमाचल में अल सुबह दहका मकान, अंदर चैन की नींद सो रहे थे 6 परिवार; कुत्ते ने बचाई जिदंगियां
कुत्ते के भौंकने से बाहर निकला युवक, उठती लपटों को देख उठाया परिवार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आज शुक्रवार की अल सुबह एक भीषण आगजनी की घटना ने छह परिवारों का सब कुछ छीन लिया। इन परिवारों के पास पहने कपड़ों के अलावा शायद ही कुछ बचा होगा। बड़ी बात यह है कि इस आगजनी में किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। एक कुत्ते ने इन छह परिवारों की जान बचा ली। अन्यथा एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी।
मिली जानकारी के अनुसार शिमला के मशोबरा क्षेत्र से सटे पंजोग गांव में शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे अचानक एक रिहायशी मकान में भीषण आग भड़क उठी, जिसने कुछ ही समय में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस मकान में छह से अधिक परिवार रहते थे। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा ढांचा जलकर राख हो गया, लेकिन गनीमत यह रही कि समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
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इस घटना में सबसे अहम भूमिका एक कुत्ते ने निभाई। बताया जा रहा है कि रात के सन्नाटे में अचानक कुत्ता लगातार जोर.जोर से भौंकने लगा। उसकी आवाज सुनकर घर में सो रहे एक युवक की नींद खुल गई। जब वह बाहर आया तो उसने मकान के एक हिस्से से धुआं उठते देखा। हालात की गंभीरता समझते हुए उसने तुरंत घर के बाकी लोगों को जगाया और सभी को बाहर निकलने के लिए कहा।
युवक की सतर्कता और कुत्ते की चेतावनी के कारण घर में रह रहे सभी परिवारों के सदस्य समय रहते बाहर निकल आए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कुछ ही मिनट की देरी हो जाती तो आग की लपटें पूरे मकान को घेर लेतीं और अंदर सो रहे लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। इस तरह एक कुत्ते की सतर्कता ने छह परिवारों की जिंदगी बचाने में बड़ी भूमिका निभाई।
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आग की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर घर में बंधे पशुओं को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि आग की चपेट में आने से मकान के भीतर रखा अधिकांश सामान, कपड़े और घरेलू वस्तुएं पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
ग्रामीणों के अनुसार जिस मकान में आग लगी, उसमें छह से अधिक परिवार रहते थे और सभी अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखते हैं। प्रारंभिक तौर पर आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को जल्द राहत और आर्थिक सहायता प्रदान की जाए ताकि वे फिर से अपना जीवन सामान्य कर सकें।