#हादसा
October 4, 2025
हिमाचल: एंबुलेंस हड़ताल का असर, पिता ने खो दिया बेटा; मरीजों की जेब पर भी पड़ा असर
मांगें पूरी नहीं होने पर फिर हड़ताल की चेतावनी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार का दिन कुछ लोगों के लिए बहुत भारी रहा। इतना भारी कि किसी की जान ही चली गई। दरअसल शुक्रवार को पूरे प्रदेश में 108 व 102 कर्मचारियों की हड़ताल थी। ये हड़ताल गुरुवार रात 8 बजे से लेकर शुक्रवार रात 8 बजे तक चली। इसकी वजह से मरीजों, खासकर आपात मरीजों को मुश्किल का सामना करना पड़ा।
आनी में एक कार खाई में गिर गई थी। इसमें एक पिता अपने दो बेटों के साथ सवार थे। दुख की बात है कि बड़े बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। एबुलेंस की सुविधा ना मिल पाने के चलते गंभीर पिता व छोटे बेटे को स्थानीय लोगों ने एक निजि वाहन में आनी अस्पताल पहुंचाया।
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ये हादसा आनी से करीब सात किलोमीटर आगे गुगरा के पास शुपधारठी मोड़ पर हुआ। स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर गहरी खड्ड में जा गिरी। कार को विजेंद्र चला रहे थे व उनके दो बेटे भी इसमें सवार थे।
अचानक मोड़ पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में विजेंद्र और उनका छोटा बेटा नैतिक (13) गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बड़े बेटे आदित्य (15) की मौके पर ही मौत हो गई।
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गौरतलब है कि चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में भी 108 और 102 कर्मचारियों ने हड़ताल की। इस दौरान खनेरी अस्पताल में करीब 22 मरीज आपात की स्थिति में पहुंचे। इन मरीजों को निजी वाहनों में ज्यादा पैसे देकर सफर करना पड़ा।
अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और शिमला रेफर किए जाने वाले मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान सबसे अधिक समस्या दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को झेलनी पड़ी। लोगों को रात के समय अस्पताल पहुंचने के लिए न एंबुलेंस मिली और ना ही वाहन मिले।
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वहीं, 108, 102 कर्मचारी यूनियन ने चेताया है कि यदि जल्द उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। कर्मचारी यूनियन ने कहा कि 14-15 साल से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।