#हादसा
June 20, 2026
हिमाचल ने खो दी जांबाज बेटी: 18 हजार फीट पर तिरंगा फहराने वाली NCC कैडेट की हा.दसे में मौ*त
डुमेश कुमारी ने राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया था हिमाचल का मान, सदमें में परिवार
शेयर करें:

मंडी। हिमाचल प्रदेश में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने न केवल एक परिवार से उसकी लाडली बेटी छीन ली, बल्कि पूरे प्रदेश ने भी अपनी एक होनहार, साहसी और प्रतिभाशाली बेटी को खो दिया। एनसीसी की जांबाज कैडेट और पर्वतारोहण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुकी डुमेश कुमारी के असमय निधन की खबर से मंडी जिला सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। जिस बेटी ने अपने साहस, अनुशासन और मेहनत के दम पर हिमाचल का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया था, उसका यूं अचानक दुनिया छोड़ जाना हर किसी को झकझोर गया है।
बता दें कि बीते रोज गोहर क्षेत्र के बस्सी के पास एक जीप अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में 21 वर्षीय डोमेश कुमारी का दुखद निधन हो गया था।
मंडी जिले के गोहर क्षेत्र के सलोग गांव की रहने वाली डुमेश कुमारी वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थीं। पढ़ाई के साथ-साथ वह एनसीसी आर्मी विंग की सक्रिय कैडेट भी थीं और साहसिक गतिविधियों में उनकी विशेष रुचि थी। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर ऐसी उपलब्धियां हासिल कीं, जो कई युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गईं।
यह भी पढ़ें : NEET परीक्षा से पहले 3 अभ्यर्थियों ने दे दी जा.न, असफलता के डर ने छीनी सांसें; सुक्खू सरकार ने की ये अपील
डुमेश कुमारी ने हाल ही में देश के प्रतिष्ठित हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (एचएमआई) दार्जिलिंग द्वारा आयोजित एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा किया था। यह प्रशिक्षण देश के सबसे कठिन पर्वतारोहण पाठ्यक्रमों में गिना जाता है। इस दौरान उन्होंने अपने अदम्य साहस और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए लगभग 18 हजार फीट ऊंचे माउंट बी.सी. रॉय शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया था। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया था।
पर्वतारोहण प्रशिक्षण के दौरान उनके नेतृत्व कौशल, अनुशासन और साहस की सैन्य अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों ने भी खुले मंचों पर प्रशंसा की थी। एनसीसी में उनकी सक्रिय भूमिका और उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण वह अपने साथियों के बीच भी बेहद लोकप्रिय थीं। महाविद्यालय में उन्हें एक अनुशासित, मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्रा के रूप में जाना जाता था।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में भाजपा से हो गया 'खेला', शपथ से पहले इस MC के 11 पार्षदों पर केस दर्ज; थाने में बुलाए
डुमेश कुमारी के निधन की खबर मिलते ही वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में शोक का माहौल छा गया। महाविद्यालय प्रशासन की ओर से विशेष शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें एनसीसी आर्मी विंग और एयर विंग के कैडेट, शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।
महाविद्यालय प्रशासन ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डुमेश कुमारी उन बेटियों में से थीं, जिन्होंने यह साबित किया कि प्रतिभा और मेहनत किसी बड़े शहर या विशेष संसाधनों की मोहताज नहीं होती। उन्होंने अपने हौसलों और समर्पण के दम पर वह मुकाम हासिल किया, जो अनेक युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: DIG संजीव गांधी से वसूले जाएंगे 1.80 लाख रुपए, आवास खाली ना करने पर लगाया डैमेज चार्ज
डुमेश कुमारी के निधन से उनके परिवार, मित्रों, सहपाठियों और शिक्षकों को गहरा आघात पहुंचा है। जिस बेटी के उज्ज्वल भविष्य के सपने परिवार ने संजोए थे, वह अचानक अधूरे रह गए। आज उनके गांव से लेकर कॉलेज परिसर तक हर कोई यही कह रहा है कि हिमाचल ने अपनी एक ऐसी बेटी को खो दिया, जो आने वाले समय में प्रदेश का नाम और ऊंचाइयों तक ले जा सकती थी। उनका साहस, समर्पण और उपलब्धियां हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।