#हादसा
January 6, 2026
हिमाचल में एक और पैराग्लाइडर पायलट की मौ*त : खाई में गिरा, परिवार का था इकलौता बेटा
रमन ने 10 लाख रुपए लोन लेकर खरीदे थे दो पैराग्लाइडर
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग से जुड़े हादसे लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। ताजा मामला प्रदेश के कांगड़ा जिले के तहत आते धर्मशाला से सामने आया है। जहां पैराग्लाइडिंग साइट पर एक युवक की खाई में गिरने से मौत हो गई। मृतक अपने परिवार का इकलौता बेटा था। इस हादसे के बाद एक बार फिर पैराग्लाइडिंग साइट्स पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार युवक साइट पर एक पैराग्लाइडर पायलट को टेक-ऑफ के लिए पीछे से धक्का दे रहा था। इसी दौरान उसके हाथ में पहना कड़ा पैराग्लाइडर की रस्सियों में फंस गया। जैसे ही पायलट ने उड़ान भरी, युवक भी रस्सियों के साथ घसीटता चला गया और पास की गहरी खाई में जा गिरा।
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हादसे में वह बुरी तरह घायल हो गया था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
हादसे में मृतक की पहचान बनकोटु गांव निवासी 28 वर्षीय रमन कुमार के रूप में की गई है। रमन तीन दिन पहले पैराग्लाइडिंग साइट पर हुए एक गंभीर हादसे में गहरी खाई में गिर गया था। घटना के बाद उसे गंभीर हालत में टांडा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां तीन दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसकी मौत हो गई।
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रमन की मौत के बाद पूरे मामले में कई विरोधाभास सामने आए हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार साइट पर तैनात मार्शलों को किसी भी तरह के हादसे की जानकारी नहीं थी, जबकि अस्पताल के रिकॉर्ड में युवक की चोट का कारण ‘पेड़ से गिरना’ दर्ज किया गया है।
इन विरोधाभासी तथ्यों ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान ने मामले को गंभीर बताते हुए एसडीएम धर्मशाला को जांच सौंप दी है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मृतक रमन कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और अविवाहित था। बताया जा रहा है कि उसने कुछ समय पहले ही करीब 10 लाख रुपये का लोन लेकर दो पैराग्लाइडर खरीदे थे। इस हादसे ने एक बार फिर हिमाचल में पैराग्लाइडिंग सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विदित हो, बीते 2025 दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ही दो पैराग्लाइडर दुर्घटनाएं सामने या चुकी हैं। जिसमें एक कांगड़ा जिले के विश्व प्रसिद्ध बीड़-बिलिंग में हुए हादसे में जहां पैराग्लाइडर पायलट की दर्दनाक मौत हो गई थी, तो दूसरे मामले में कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में पैराग्लाइडर हादसे में एक की जान गई थी।