#हादसा
August 22, 2025
हिमाचल: खाना बना रहा था 25 वर्षीय युवक, अचानक फट गया कुकर; परिवार ने खो दिया जवान बेटा
घर से कमाने आया था हिमाचल, किराये के कमरे में बना रहा था खाना
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में आए दिन हो रहे हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। कई हादसों में तो परिवार के जवान बेटों की मौत हो रही है। जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। ऐसा ही कुछ हिमाचल के कांगड़ा जिला में भी हुआ है। यहां एक 25 साल के युवक की दर्दनाक मौत हो गई है। युवक की मौत से उसके परिवार को गहरा सदमा लगा है। परिवार ने कभी सोचा भी नहीं था कि जिस बेटे को वह अपने बुढ़ापे की लाठी समझते थे, वह भरी जवानी में ही उन्हें छोड़ कर चला जाएगा।
दरअसल मामला कांगड़ा जिला के तहत आते मझीण थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां एक युवक की मौत उस समय हो गई, जब वह खाना बना रहा था। खाना बनाते समय अचानक से कुकर फट गया और युवक बुरी तरह से घायल हो गया। हालांकि उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन घावों का ताव ना सहते हुए युवक ने दम तोड़ दिया।
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मृतक युवक की पहचान 25 वर्षीय ओमी निवासी उधमपुर जम्मू कश्मीर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ओमी सिंह ज्वालामुखी क्षेत्र की एक कत्था फैक्ट्री में काम करता था और वहीं अपने साथियों के लिए खाना बनाते समय यह हादसा हुआ।
घटना 19 अगस्त की बताई जा रही है। ओमी अपने साथियों के लिए भोजन तैयार कर रहा था। इसी दौरान प्रेशर कुकर की सीटी में कुछ फंस गया। जब उसने कुकर को खोलने की कोशिश की, तभी वह अचानक फट गया। तेज धमाके के साथ हुए इस हादसे में ओमी गंभीर रूप से झुलस गया।
मौके पर मौजूद साथी कर्मचारियों ने तुरंत उसे स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, लेकिन स्थिति नाजुक होने के कारण उसे डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर कर दिया गया। कई दिन तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद, ओमी ने आखिरकार 22 अगस्त को दम तोड़ दिया। युवक की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रवि कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
बताया जा रहा है कि ओमी सिंह मात्र 25 साल की उम्र में ही परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से वह हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करने आया था। वह मेहनत कर घर के खर्चे में हाथ बंटा रहा था। उसकी असमय मृत्यु ने उसके माता.पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को गहरे शोक में डाल दिया है।
परिजनों ने प्रशासन से अपील की है कि उन्हें उचित मुआवजा और मदद दी जाए, ताकि इस दुःख की घड़ी में परिवार को थोड़ा सहारा मिल सके। एक जवान बेटे को खोने का दर्द शब्दों में बयान करना मुश्किल है, लेकिन अब सरकार की मदद ही उनके लिए राहत का जरिया बन सकती है।