#अपराध
August 22, 2025
हिमाचल : लोकल लड़कों ने पकड़े 7 चिट्टा तस्कर, पहले की धुनाई- फिर किया पुलिस के हवाले
बार-बार चेतावनी देने पर नहीं आ रहे थे बाज
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रही चिट्टा तस्करी के खिलाफ अब स्थानीय लोग भी खुलकर सामने आने लगे हैं। कुल्लू जिला के शमशी क्षेत्र से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां स्थानीय युवाओं ने मिलकर सात चिट्टा तस्करों को पकड़ लिया।
युवाओं ने आरोपियों को रस्सियों से बांधा, उनसे कान पकड़वाए और पिटाई भी की, इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि चिट्टा तस्करों को पकड़ने वाले युवाओं में से एक लड़का लोगों से अपील कर रहा है। वह कहता है कि इन तस्करों को पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी है। ये कई बार पकड़े भी जा चुके हैं, लेकिन मानते ही नहीं।
अगर इन्हें रोका नहीं गया तो ये आपके बच्चों को भी बर्बाद कर देंगे। वीडियो में युवक जनता से एकजुट होकर इस नशे के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की अपील करता है। स्थानीय युवाओं द्वारा पकड़ने के बाद सभी सातों आरोपियों को पुलिस को सौंप दिया गया।
पुलिस ने तुरंत सभी का मेडिकल टेस्ट करवाया है। हालांकि, आरोपियों के पास से मौके पर चिट्टा बरामद नहीं हुआ। भुंतर थाना प्रभारी महेंद्र ने बताया कि आरोपियों का मेडिकल करवाया गया है। ब्लड सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। अगर रिपोर्ट में चिट्टा की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
SHO ने यह भी माना कि बरामदगी नहीं होने से मामला थोड़ा चुनौतीपूर्ण है, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट पुलिस की जांच में अहम कड़ी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह घटना इस बात की गवाही देती है कि हिमाचल प्रदेश में अब लोग चिट्टा तस्करी के खिलाफ खुद जागरूक होकर कदम उठा रहे हैं।
विदित रहे कि हिमाचल में कई परिवार नशे की कारण उजड़ गए हैं। कई परिवारों ने अपने नौजवान बेटे इस नशे की लत के कारण खो दिए हैं। ऐसे में लोग अब जागरूक हो गए हैं और खुलकर तस्करों के खिलाफ विरोध कर रहे हैं और उन्हें पुलिस तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उठा रहे हैं।
गौरतलब है कि बीते कुछ सालों में कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और शिमला जैसे जिलों में चिट्टा तस्करी के मामले लगातार बढ़े हैं। पुलिस और प्रशासन की कड़ी कार्रवाई के बावजूद तस्करों के हौसले पस्त नहीं हो रहे। ऐसे में अब स्थानीय स्तर पर जनता का सहयोग पुलिस के लिए बड़ी मदद बनता दिख रहा है।