#हादसा
June 16, 2025
हिमाचल: आधा महीना बीत गया- 3 लोगों का नहीं चल पाया पता, जंगली सब्जी खाने के बाद से चल रहे हैं लापता
चप्पे-चप्पे की ली जा रही है तलाशी
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के आकांक्षी जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना ने पूरे क्षेत्र को चिंता में डाल दिया है। जहां बीते करीब 16 दिन पहले जहरीली जंगली साग खाने के बाद सात मजदूर बेसुध हो गए थे। मगर हैरत की बात तो यह है कि तीन लोग रहस्यमयी तरीके से लापता हो गए थे, जिनका आज 16 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
विदित हो कि, पांगी के कुसलून जंगल में जहां लकड़ी से जुड़े कार्य (तार स्पेन सिस्टम) के लिए बाहरी मजदूरों की एक टीम काम कर रही थी। दोपहर के समय भोजन तैयार करते हुए उन्होंने जंगली तंबाकू को सब्जी के रूप में पकाया और खा लिया।
खाने के कुछ ही समय बाद सभी की हालत बिगड़ने लगी। पहले जीभ और गले में सूखापन महसूस हुआ, फिर चक्कर आने लगे और शरीर लड़खड़ाने लगा। वे एक-दूसरे से बिछुड़ गए और कोई भी यह समझ नहीं सका कि बाकी लोग कहां हैं।
चार लोगों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से समय रहते इलाज के लिए नागरिक अस्पताल किलाड़ में भर्ती करवाया गया था। जहां उन्होंने होश में आने पर बताया कि उन्होंने अनजाने में जंगली साग का सेवन किया था। जिसके बाद से उन्हें नहीं पता कि उनके साथ क्या हुआ और कौन कहां गया। बीते कल भी कुसलून जंगल और आसपास के इलाकों में व्यापक खोज अभियान चलाया गया, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
शुरुआती दिनों में यह अभियान स्थानीय पुलिस, ग्रामीणों और ठेकेदार की ओर से चलाया गया था, लेकिन बीते सप्ताह से इसमें एनडीआरएफ, पुलिस बटालियन, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन की सहायता भी जोड़ी गई है। बावजूद इसके कोई ठोस सफलता नहीं मिल पाई है।
उधर थाना प्रभारी पांगी ने बताया कि खोज अभियान पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से चल रहा है। जंगल के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है, लेकिन दुर्गम भौगोलिक स्थिति और घने जंगल के कारण चुनौती बहुत बड़ी है। प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी एजेंसियों को पूरी ताकत से लगाया गया है ताकि लापता लोगों को जल्द से जल्द खोजा जा सके। फिलहाल पूरा पांगी क्षेत्र इस रहस्यपूर्ण हादसे के चलते दुख और सन्नाटे में डूबा हुआ है।