#हादसा
September 11, 2025
हिमाचल: धुंध के कारण नहीं दिखी टूटी सड़क, बाइक समेत खाई में जा गिरे दो युवक
बारिश से खाई में समा चुका था क्रैश बैरियर सहित सड़क का बड़ा हिस्सा
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चंबा। हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश और बदलता मौसम सड़क हादसों को बढ़ा रहा है। इसका ताजा उदाहरण हिमाचल के चंबा जिला से सामने आया है। यहां भारी बारिश के बाद उठी धुंध में टूटी सड़क का पता नहीं लगने से एक बाइक गहरी खाई में जा गिरी। इस बाइक पर दो युवक सवार थे। इस हादसे ने प्रदेश की सड़कों की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है।
यह हादसा आज गुरुवार को पठानकोट-चम्बा-भरमौर नेशनल हाईवे पर बैली के समीप हुआ है। बताया जा रहा है कि दो युवक बाइक समेत गहरी खाई में जा गिरे। सौभाग्य से दोनों को केवल मामूली चोटें आईं, लेकिन यह घटना प्रदेश में सड़कों की खस्ता हालत और विभागीय लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े करती है।
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घटना वीरवार सुबह की है जब दो युवक बाइक पर पठानकोट से सलूणी के लिए निकले थे। जैसे ही वे बैली के समीप एक तीखे मोड़ पर पहुंचे, घनी धुंध के चलते उन्हें सड़क की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाया। कुछ दिन पहले बारिश से सड़क का एक हिस्सा क्रैश बैरियर सहित खाई में समा चुका था, लेकिन वहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा था और न ही कोई सुरक्षात्मक व्यवस्था। धुंध के कारण टूटी सड़क नजर नहीं आई और बाइक सीधा खाई में जा गिरी।
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हादसे के तुरंत बाद दोनों युवक किसी तरह खुद को संभालते हुए खाई से सड़क तक पहुंचे। इस दौरान मौसम खराब होने और दृश्यता कम होने के कारण सड़क पर यातायात भी बहुत कम था, जिससे लोगों को इस दुर्घटना का समय रहते पता नहीं चल पाया। जैसे ही धुंध छंटी और रास्ते में लोगों की आवाजाही शुरू हुई, तब जाकर घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को लगी। इसके बाद लोगों की मदद से खाई में गिरी बाइक को बाहर निकाला गया।
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यह हादसा कोई अकेली घटना नहीं है। हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण पठानकोट से भरमौर तक के मार्ग पर कई स्थानों पर सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। कई जगहों पर अस्थायी रूप से मिट्टी के ढेर लगाकर रास्ता संकेतित किया गया है, लेकिन कहीं भी स्थायी चेतावनी बोर्ड या बैरिकेड्स नहीं लगाए गए हैं।
बैली के पास जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां सड़क का हिस्सा पहले ही खाई में गिर चुका था। इसके बावजूद न तो इस ओर कोई चेतावनी दी गई और न ही वैकल्पिक मार्ग का संकेत दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की यह लापरवाही आए दिन हादसों को न्योता दे रही है।
कुछ सप्ताह पहले डगोह क्षेत्र में भी एक बाइक क्षतिग्रस्त सड़क के चलते खाई में जा गिरी थी, जिसमें एक व्यक्ति और उसकी छोटी बेटी घायल हो गए थे। ऐसे उदाहरण अब आम हो चले हैं, लेकिन विभाग द्वारा स्थायी समाधान की कोई पहल नहीं की जा रही है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि प्रशासन को पहले ही ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर उचित चेतावनी और सुरक्षात्मक इंतजाम करने चाहिए थे। लोक निर्माण विभाग द्वारा बरसात के बाद सड़क मरम्मत की प्रक्रिया बेहद धीमी गति से की जा रही हैए जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है।