#हादसा
July 3, 2026
हिमाचल में बड़ा सड़क हा.दसा: खाई में गिरी गाड़ी के उड़े परखच्चे, दो लोग थे सवार; मची चीख-पुकार
दोहरी मार झेल रहा किन्नौर, बादल फटने के साथ हुआ बड़ा सड़क हादसा
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किन्नौर। हिमाचल प्रदेश की सड़कों पर आए दिन हो रहे सड़क हादसे कई लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। खासकर प्रदेश का किन्नौर जिला इस समय दोहरी मार झेल रहा है। यहां बीती रात को एक साथ चार जगहों पर बादल फटने के साथ ही एक बड़ा सड़क हादसा भी हुआ है। इस हादसे में एक गाड़ी गहरी खाई में जा गिरी है। खाई में गिरने से गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे को देख कर लोगों की रूह तक कांप गई। यह हादसा निचार उपमंडल में
मिली जानकारी के अनुसार किन्नौर के चौरा-छोटा काम्बा संपर्क मार्ग पर एक कैंपर वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना के समय वाहन में दो लोग सवार थे, जो गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
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सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीम मौके पर पहुंची। दुर्घटनाग्रस्त वाहन खाई में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिला। बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों घायलों को बाहर निकाला। हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।
हादसे में घायल हुए व्यक्तियों की पहचान टिका राम निवासी छोटा काम्बा और निकिता निवासी घरशु, तहसील निचार के रूप में हुई है। दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। 108 एम्बुलेंस सेवा की मदद से प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए महात्मा गांधी मेडिकल सर्विस कॉम्प्लेक्स अस्पताल खनेरी, रामपुर भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों घायलों के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में पांच-पांच हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। वहीं पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर खराब मौसम और सड़क की स्थिति को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
गौरतलब है कि किन्नौर जिला इन दिनों प्राकृतिक आपदाओं के गंभीर दौर से गुजर रहा है। हाल ही में जिले के चोलिंग, रिब्बा, लिप्पा और रिस्पा क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई थी। फ्लैश फ्लड और मलबे के कारण कई संपर्क मार्ग प्रभावित हुए, फसलों को नुकसान पहुंचा और लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया।
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चोलिंग क्षेत्र में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 को घंटों तक बाधित कर दिया था। भारी मात्रा में मलबा सड़क पर जमा हो जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। दो वाहन भी बाढ़ और मलबे की चपेट में आ गए थे। हालांकि प्रशासन और मशीनरी की लगातार मेहनत के बाद करीब छह घंटे में मार्ग को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को राहत मिली।
लगातार हो रही बारिश, पहाड़ों से गिरते पत्थर, भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं ने किन्नौर के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि मानसून की शुरुआत से ही जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, उसने पूरे जिले को असुरक्षा के माहौल में डाल दिया है। एक ओर बादल फटने और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर दुर्गम और फिसलन भरे मार्गों पर यात्रा करना भी जोखिम भरा हो गया है।
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प्रशासन ने मौसम को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा खराब मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।