#हादसा
January 7, 2026
स्व. वीरभद्र सिंह के ससुराल में 200 साल पुराना शाही महल हुआ राख, ऐतहासिक धरोहरों में था शुमार
शिमला के जुन्गा में ऐतिहासिक राजमहल में भीषण आ*ग, विरासत को हुआ नुकसान
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों में शुमार राजधानी शिमला से सटे जुन्गा क्षेत्र का करीब 200 साल पुराना राजमहल बुधवार दोपहर अचानक भयंकर आग की चपेट में आ गया। लकड़ी से बने इस ऐतिहासिक महल का एक बड़ा हिस्सा आग में जलकर राख हो गया, जिससे न सिर्फ इलाके में हड़कंप मच गया, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी गहरा आघात पहुंचा है। यह वही राजमहल है, जिसे हिमाचल के दिवंगत मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का ससुराल और प्रतिभा सिंह का मायका है। इसी ऐतिहासिक परिसर से कई राजनीतिक, सामाजिक और पारिवारिक स्मृतियां जुड़ी हुई हैं।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे स्थानीय लोगों ने पुराने राजमहल की ऊपरी मंजिल से घना धुआं उठता देखा। तत्काल इसकी सूचना पुलिस चौकी जुन्गा को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिसए प्रशासन और अग्निशमन विभाग हरकत में आ गया। छोटा शिमला अग्निशमन केंद्र से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पाया। हालांकि तब तक महल के लकड़ी से बने कई हिस्से पूरी तरह जल चुके थे।
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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग महल की ऊपरी मंजिल में लगी थी। लंबे समय से उपेक्षा और संरक्षण के अभाव में यह ऐतिहासिक भवन जर्जर अवस्था में था और इसमें कोई भी निवास नहीं करता था। यही कारण रहा कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जो एक बड़ी राहत मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार लकड़ी की पारंपरिक संरचना होने के कारण आग तेजी से फैली और देखते ही देखते महल का एक हिस्सा पूरी तरह स्वाहा हो गया।
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जुन्गा का पुराना राजमहल कभी क्योंथल रियासत की शान हुआ करता था। जुन्गा ही इस रियासत की राजधानी रही है और यह नाम स्थानीय देवता "जुणगा" से जुड़ा बताया जाता है। यह महल न केवल शाही परिवार का निवास था, बल्कि प्रशासनिक फैसलों और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी केंद्र रहा। सबसे बड़ी बात हिमाचल के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का ननिहाल था। इस महल की पहचान पहाड़ी वास्तुकला, लकड़ी की नक्काशी और पारंपरिक निर्माण शैली से थी, जो अब आग की भेंट चढ़ गई।
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इस ऐतिहासिक राजमहल का संबंध हिमाचल के छह बार मुख्यमंत्री रहे स्व. वीरभद्र सिंह से भी रहा है। बताया जाता है कि इसी क्षेत्र में उनका विवाह हुआ था और यह महल उनका ससुराल रहा। यही कारण है कि यह स्थान केवल ऐतिहासिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और भावनात्मक दृष्टि से भी खास माना जाता है। आज इसी विरासत से जुड़े महल में लगी आग को प्रदेश के लिए एक सांस्कृतिक क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
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पुराने राजमहल के समीप ही जुन्गा में नया महल, जिसे चौरनी पैलेस कहा जाता है, स्थित है, जो फिलहाल सुरक्षित है। समय के साथ पुराने महल की देखरेख नहीं हो सकी और यही लापरवाही अब एक बड़ी त्रासदी में बदल गई। पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी ने बताया कि जुन्गा के पुराने राजमहल में आग लगने की घटना सामने आई है। आग के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शॉर्ट सर्किट, असामाजिक तत्वों या किसी अन्य कारण की संभावना को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।