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April 3, 2026
टोल टैक्स हंगामे के बाद बैकफुट पर सुक्खू सरकार- HP नंबर को बड़ी राहत, बाहरी के भी घटाए रेट
विरोध प्रदर्शनों पर CM सुक्खू ने हैरानी जताई है
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सीमाओं पर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई टोल नीति लागू कर दी है। सरकार का दावा है कि इस नीति में आम लोगों, खासकर प्रदेशवासियों को राहत देने पर फोकस किया गया है। जबकि बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए भी कुछ श्रेणियों में शुल्क कम किया गया है।
नई नीति के तहत सबसे बड़ा फैसला हिमाचल के लोगों के हित में लिया गया है। राज्य के पंजीकृत हल्के निजी वाहन जैसे कार अब पूरी तरह एंट्री टैक्स से मुक्त होंगे। इसके साथ ही टैक्सी ऑपरेटरों को भी राहत मिली है, क्योंकि उन्हें भी अब यह टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
यहीं नहीं, छोटे कारोबारी वर्ग को ध्यान में रखते हुए हल्के कमर्शियल वाहनों जैसे पिकअप, छोटा हाथी और थ्री-व्हीलर को भी टोल से छूट दी गई है। इससे स्थानीय व्यापार और परिवहन लागत पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों और यात्रियों को भी राहत देने की कोशिश की है। पहले जहां प्राइवेट कार (12+1 सीट तक) के लिए 130 रुपये प्रतिदिन शुल्क लिया जाता था, अब इसे घटाकर 100 रुपये कर दिया गया है।
नियमित रूप से आने-जाने वाले लोगों के लिए पास व्यवस्था भी लागू रखी गई है। तिमाही पास 3,000 रुपये और वार्षिक पास 9,000 रुपये तय किए गए हैं। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को सुविधा मिलेगी।
सरकार ने भारी वाहनों के शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है। इन वाहनों का प्रतिदिन शुल्क पहले की ही तरह लागू रहेगा। इनका तिमाही पास 11,200 रुपये और वार्षिक पास 44,800 रुपये निर्धारित किया गया है।
सरकार ने बॉर्डर इलाकों में रहने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष छूट का प्रावधान किया है। टोल बैरियर से 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निवासी चाहे वे पंजाब या हरियाणा से ही क्यों न हों- रियायती दरों पर पास बनवा सकेंगे। इससे रोजमर्रा की आवाजाही करने वाले लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी।
CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सीमा क्षेत्रों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर हैरानी जताई है। उनका कहना है कि सरकार ने किसी भी श्रेणी में टोल दरें नहीं बढ़ाई हैं, बल्कि कई मामलों में शुल्क घटाया गया है।
ऐसे में विरोध का कोई ठोस आधार नहीं बनता। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी के बहकावे में आकर विरोध प्रदर्शन का हिस्सा न बनें और नीति के वास्तविक तथ्यों को समझें।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने इस नई नीति को तुरंत प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी जिला अधिकारियों को कहा गया है कि वे संबंधित टोल ठेकेदारों को संशोधित दरों के अनुसार वसूली सुनिश्चित करने के आदेश दें।