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June 30, 2026
हिमाचल में मानसून की धमाकेदार एंट्री, 7 दिन बरसेंगे बादल; कई जिलों में ऑरेंज-येलो अलर्ट की चेतावनी
मौसम विभाग ने बारिश भूस्खलन और तेज हवाओं की जताई आशंका
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शिमला। करीब 10 दिन की देरी के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने हिमाचल प्रदेश में दस्तक दे दी है। मानसून के प्रवेश के साथ ही प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने आगामी सात दिनों तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। मानसून की एंट्री के साथ ही अब पहाड़ी राज्य में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बढ़ने लगा है, जिसका शुरुआती असर लाहौल घाटी में देखने को मिल चुका है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार मानसून ने मंगलवार को किन्नौर जिले को पूरी तरह कवर कर लिया है। इसके अलावा कुल्लू और लाहौल-स्पीति के अधिकांश हिस्सों, शिमला और मंडी के कई क्षेत्रों तथा कांगड़ा और सिरमौर के कुछ इलाकों में भी मानसून पहुंच चुका है। विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून प्रदेश के शेष क्षेत्रों को भी अपने दायरे में ले लेगा। सामान्य तौर पर हिमाचल में मानसून 25 जून तक पूरे प्रदेश में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री लगभग 10 दिन देरी से हुई है। पिछले वर्ष मानसून ने 20 जून को प्रदेश में दस्तक दी थी।
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मानसून की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं की आशंका भी बढ़ गई है। हाल ही में लाहौल-स्पीति के जाहलमा नाले में आई बाढ़ ने सड़क संपर्क बाधित कर दिया था। बाढ़ के कारण अस्थायी पुलिया बह गई और कई पर्यटक व स्थानीय लोग घंटों तक फंसे रहे। यह घटना मानसून सीजन की संभावित चुनौतियों की शुरुआती चेतावनी मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में भारी बारिश, भूस्खलन, अचानक बाढ़, नालों के उफान और सड़क अवरोध जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई से 7 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है। 2, 3, 6 और 7 जुलाई को राज्य के अनेक इलाकों में व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा होने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की मानें तो 2 जुलाई को प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिला, जबकि 3 जुलाई को ऊना, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में भारी से भारी बारिश का ऑरेंट अलर्ट रहेगा। इसी तरह से चार जुलाई को भी प्रदेश के कांगड़ा, मंडी और शिमला में भारी बारिश होने के संकेत हैं। बारिश के साथ भूस्खलन की भी आशंका जताई गई है।
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इसके अलावा मौसम विभाग ने कई जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। विभाग की मानें तो कल यानी पहली जुलाई को प्रदेश के पांच जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि दो जुलाई को चंबा, मंडी और सिरमौर, तीन जुलाई को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और चार जुलाई को ऊना, हमीरपुर और कुल्लू जिला में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई देगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। वहीं अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
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लगातार बारिश और अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के पास न जाएं और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।