#यूटिलिटी
April 3, 2025
हिमाचल: विरोध के बावजूद आउटसोर्स पर 417 गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति, ताकि पढ़ाई पर असर न हो
गेस्ट टीचर्स भर्ती करने की परंपरा में सरकार ने फिर जान फूंकी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में एक ओर जहां दिसंबर 2024 तक प्राथमिक और उच्च शिक्षा लेवल पर 27 हजार से अधिक शिक्षकों की कमी है, वहीं सुक्खू सरकार ने आउटसोर्स पर 417 टीचरों की नियुक्ति की है। इसी साल फरवरी में व्यावसायिक टीचरों ने आउटसोर्स के बजाय सरकार से शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति करने की मांग की थी। लेकिन सरकार ने एक बार फिर गेस्ट टीचर्स की परंपरा को नए सिरे से जीवन देने का प्रयास किया है।
सरकार के आंकड़े बताते हैं कि हिमाचल प्रदेश में 3100 स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जबकि 180 स्कूलों में टीचर ही नहीं हैं। इसका खामियाजा स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
सरकार ने 20 स्टूडेंट्स से कम एनरोलमेंट को बहाना बनाकर स्कूल बंद करने शुरू किए हैं। लेकिन असल समस्या टीचरों की कमी की है। सरकार उनकी जगह एक बार फिर गेस्ट टीचर लेकर आ रही है।
हिमाचल प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने 417 प्रवक्ता स्कूल न्यू की नियुक्ति की है। विभागीय आदेश में इन सभी प्रवक्ताओं को अनुबंध कर्मी बताया गया है। एक्स सर्विस मैन के कोटे से भी 5 पद भरे गए हैं।
आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश में प्रवक्ताओं की भारी कमी है। खासतौर पर विज्ञान और गणित के टीचर मिलने मुश्किल हो गए हैं।
भारत में स्कूली शिक्षा की वार्षिक रिपोर्ट 2024 के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में कक्षा 3 के आधे से कम बच्चे ही जोड़-घटाव के सवाल हल कर पाते हैं। गणित के भाग देने वाले सवालों को हल करने की क्षमता भी केवल 44 प्रतिशत बच्चों में ही है।
स्कूली शिक्षा की क्वालिटी में पिछड़ रहे हिमाचल प्रदेश को नियमित टीचरों की जरूरत है, न कि आउटसोर्स शिक्षकों की। लेकिन सरकार ने पॉलिटिकल साइंस के 91, इतिहास के 114, अंग्रेजी के 63, इकॉनमिक्स के 17, कैमिस्ट्री में 29, बॉयोलोजी के 9, गणित के 42 प्रवक्ता स्कूल न्यू को आउटसोर्स पर नियुक्त किया है।