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October 17, 2026
आठवीं शारदीय नवरात्रि: मां महागौरी को चढ़ाएं ये खास भोग, पूजा में जरूर करें इन मंत्रों का जाप
नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की होती है पूजा
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शिमला। नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। इस दिन माता रानी को नारियल से बनी मिठाई, हलवा और काले चने का भोग लगाने का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी की पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है। आइए जानते हैं मां महागौरी की पूजा से जुड़ी खास बातें, उनका प्रिय भोग और पूजा के दौरान किए जाने वाले मंत्रों का जाप।
नवरात्रि का त्योहार हिंदू धर्म में बहुत खास माना जाता है। साल में चार बार नवरात्रि आती हैं, लेकिन शारदीय नवरात्रि को लेकर भक्तों में अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है।
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भक्त माता रानी से अपने परिवार की सुख-शांति, तरक्की और खुशहाली की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है।
उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। माता का रंग बेहद गोरा और चमकदार बताया गया है। उनके कपड़े और आभूषण भी सफेद रंग के हैं। मां महागौरी की चार भुजाएं हैं और उनका वाहन बैल है।
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माता के दाहिनी ओर के ऊपर वाले हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले हाथ में त्रिशूल है। वहीं, बाईं ओर के ऊपर वाले हाथ में डमरू और नीचे वाले हाथ में वर मुद्रा है। भक्त मां महागौरी की पूजा कर उनसे सुख, शांति और अच्छे जीवन की कामना करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए लंबे समय तक कठोर तपस्या की थी। लगातार तप करने के कारण माता के शरीर का रंग सांवला पड़ गया था।
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माता की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने गंगाजल से उनके शरीर को स्वच्छ किया। इसके बाद उनका रंग पहले की तरह चमकदार और गोरा हो गया। माता का यह रूप बेहद सुंदर और उज्ज्वल हो गया। इसी वजह से उन्हें मां महागौरी के नाम से जाना जाने लगा।
नवरात्रि के हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है और उन्हें उनकी मान्यता के अनुसार भोग भी लगाया जाता है। अष्टमी के दिन मां महागौरी को नारियल से बनी मिठाइयों का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
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इसके अलावा माता रानी को हलवा और काले चने भी अर्पित किए जाते हैं। भक्त श्रद्धा के साथ इन चीजों का भोग लगाकर मां से परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं।
नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा करते समय उनके मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है। भक्त पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप कर माता रानी का आशीर्वाद मांग सकते हैं।
मंत्र 1:
या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
मंत्र 2:
श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी की सच्चे मन से पूजा करने और मंत्रों का जाप करने से मन को शांति मिलती है। भक्त माता रानी से अपने जीवन में सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं।