#धर्म
December 9, 2025
हिमाचल के इस मंदिर में पुलिस की एंट्री बैन, भागे हुए प्रेमी जोड़ों को मिलती है पनाह
अज्ञातवास में पांडव भी आए थे शांघड़ गांव
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कुल्लू। देव भूमि हिमाचल में अनगिनत देवी-देवता हैं। यहां विराजित हर देवता और हर देवी किसी ना किसी खास वजह के लिए जाने जाते हैं। ऐसा ही एक मंदिर है कुल्लू जिले के शांघड़ गांव में जो एक बेहद खास वजह के लिए विख्यात है।
शांघड़ में स्थित शंगचुल महादेव का मंदिर प्रेमी जोड़ों को आश्रय देने के लिए जाना जाता है। अगर कोई प्रेमी जोड़ा भागकर यहां आता है तो कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मंदिर की सीमा में पहुंच जाने के बाद इनके परिजन भी इनसे कुछ नहीं कह सकते। जब जोड़ा मंदिर की सीमा में आ जाता है लोग मान लेते हैं कि वे शंगचुल महादेव की पनाह में बस गए हैं और उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाते।
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कहा जाता है कि जब पांडव कुछ समय के लिए अज्ञातवास के लिए इस गांव में आए थे तो कौरव भी उनके पीछे यहां पहुंच गए थे। तब शंगचुल महादेव ने कौरवों को रोका और कहा कि पांडव अभी मेरे क्षेत्र में है और जो भी मेरी पनाह में आएगा, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इसके बाद कौरव यहां से लौट गए। तब से आज तक जो भी व्यक्ति यहां आता है, कोई उसका कुछ नहीं कर सकता।
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मंदिर में जो भी प्रेमी युगल आते हैं, पंडित उनका आदर सत्कार करते हैं। शांघड़ गांव में पुलिस को आने की इजाजत नहीं है। सिर्फ इतना ही नहीं, यहां शराब, सिगरेट या चमड़े का सामान लेकर आने की भी मनाही है। यहां कोई हथियार भी नहीं ला सकता और ना ही किसी से झगड़ा कर सकता है, ना ही ऊंची आवाज में बात कर सकता है। शंगचुल महादेव का मंदिर करीब 100 बीघा जमीन में बसा हुआ है।