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December 10, 2025

हिमाचल: यहां एक हवन 100 के बराबर ! नैना देवी का चमत्कारी कुंड खुद में समा लेता है सारी राख

कष्ट दूर करने के लिए किया जाता है हवन

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Naina Devi Temple Bilaspur

बिलासपुर। 51 शक्ति पीठों में से एक शक्ति पीठ हिमाचल के बिलासपुर जिले में स्थित है। यहां पर मां नैना देवी साक्षात रूप में विराजमान हैं। मां नैना और उनके मंदिर से जुड़ी कई कहानियां हैं जो दिव्य और चमत्कारी हैं। इसी कड़ी में नैना देवी मंदिर का हवन कुंड अपने आप में एक चमत्कार है।

हवन कुंड में ही समा जाती है राख-भभूत

कहा जाता है कि मां के प्राचीन हवन कुंड में जितना मर्जी हवन कर लो, कभी शेष नहीं उठाना पड़ता। सारी राख-भभूत इसी के अंदर समा जाती है। श्रद्धालु इस हवन कुंड में विजय प्राप्ति के लिए, दुख रोग कष्ट दूर करने के लिए और धन प्राप्ति के लिए कई तरह के हवन करते हैं। मान्यता है कि यहां का 1 हवन घर में किए गए 100 हवनों के बराबर होता है।

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इस जगह पर गिरे थे माता सती के नेत्र

मान्यता है कि माता सती के नेत्र इस स्थान पर गिरे थे इसलिए मंदिर का नाम नैना देवी है। प्राचीन काल में जब माता सती के पिता राजा दक्ष प्रजापति ने यज्ञ का आयोजन करवाया था तो सभी देवताओं को आमंत्रित किया लेकिन माता सती और भोले शंकर को नहीं बुलाया। इससे माता सती गुस्से में आ गईं। भगवान शिव ने यज्ञ में जाने का हठ किया तो माता सती यज्ञ में चली गईं। 

क्रोध में यज्ञशाला में कूद गईं माता सती

वहां जाकर माता सती देखती हैं कि सभी देवताओं के लिए स्थान रखे गए थे लेकिन भगवान शिव के लिए कोई स्थान नहीं रखा गया था। इससे माता सती को बहुत क्रोध आया और वो खुद को रोक ना सकीं और यज्ञशाला में कूद गईं। जब शिव शंकर को इस बारे में पता चला तो वे बहुत क्रोधित हुए। वे माता सती के अर्ध जले शरीर को अपने त्रिशूल पर उठाकर पूरे संसार का भ्रमण करने लगे।

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हिमाचल प्रदेश में स्थित हैं 4 शक्ति पीठ

ये देखकर विष्णु भगवान ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के अंगों को छिन्न-भिन्न कर दिया। जहां-जहां माता सती के अंगे गिरे, वहां पर शक्ति पीठों की स्थापना हुई। नैना देवी के अलावा हिमाचल में 3 और शक्ति पीठ हैं। इसमें कांगड़ा का ब्रजेश्वरी देवी मंदिर, ज्वाला जी मंदिर और ऊना का चिंतपूर्णी मंदिर शामिल हैं। इसके अलावा देश के विभिन्न कोनों में अलग-अलग शक्ति पीठ हैं।

चांदी के नेत्र चढ़ाने से ठीक होती हैं आंखें

मान्यता है कि नैना देवी मां भक्तों की आंखों की रोशनी ठीक कर देती हैं। किसी को किसी भी प्रकार की समस्या या बीमारी हो तो मां के मंदिर में चांदी के नेत्र चढ़ाने से आंखों की रोशनी ठीक हो जाती है। प्राचीन काल से ही लोग अपनी आंखों के लिए मां नैना के दरबार में चांदी के नेत्र चढ़ाते आए हैं। कई बार ऐसे चमत्कार देखने को मिले हैं जब लोगों की आंखों की रोशनी ठीक हो जाती है।

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