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October 14, 2026

हिमाचल : नवरात्र में शक्तिपीठ मंदिरों में पहुंच रहे लाखों श्रद्धालु, कपाट खोलने की टाइमिंग बदली- जानें

हिमाचल के साथ दूसरे राज्यों से भी पहुंच रहे भक्त

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Himachal Pradesh news

शिमला। शारदीय नवरात्र शुरू होते ही हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों और दूसरे देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। नवरात्र के पहले तीन दिनों में ही छह प्रमुख मंदिरों में 1 लाख 65 हजार से ज्यादा श्रद्धालु माता के दरबार में शीश नवा चुके हैं। सुबह से ही मंदिरों के बाहर भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं और दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई मंदिरों के खुलने और बंद होने के समय में भी बदलाव किया गया है।

हिमाचल के साथ दूसरे राज्यों से भी पहुंच रहे भक्त

श्री नैना देवी, मां चिंतपूर्णी और मां ज्वालाजी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसके अलावा सिरमौर के बाला सुंदरी मंदिर में भी भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिल रही है। हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और जम्मू से भी श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। नवरात्र के चलते मंदिरों और आसपास के बाजारों में भी काफी रौनक देखने को मिल रही है।

 

चिंतपूर्णी मंदिर में मां के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अपनी बारी का इंतजार करते श्रद्धालु। - Dainik Bhaskar

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फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाए गए मंदिर

नवरात्र को लेकर शक्तिपीठों और देवी मंदिरों को खास तरीके से सजाया गया है। मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक लाइटों से सजाया गया है, जिससे मंदिरों की सुंदरता और बढ़ गई है। मंदिर परिसरों में सुबह से ही पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं। शक्तिपीठों के अलावा शिमला के कालीबाड़ी, तारादेवी और मां हाटेश्वरी मंदिर में भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सोलन के मां शूलिनी मंदिर में भी नवरात्र के दौरान भक्तों की भीड़ बनी हुई है।

 

चिंतपूर्णी मंदिर में भजन-कीर्तन करते श्रद्धालु।

रात 3 बजे से खुल रहे मां नैना देवी मंदिर के कपाट

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्री नैना देवी मंदिर के दर्शन का समय बढ़ाया गया है। मंदिर के कपाट रात 3 बजे से ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जा रहे हैं। इसके बाद लगातार भक्त माता के दर्शन कर रहे हैं। रात 11:30 बजे तक श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा दी जा रही है। सुबह तड़के ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ जुटने लगती है।

 

मां चिंतपूर्णी मंदिर में दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु।

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चिंतपूर्णी में सुबह 4 बजे से दर्शन, बाकी मंदिरों में 5 बजे से शुरुआत

मां चिंतपूर्णी मंदिर में सुबह 4 बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो रहे हैं। वहीं मां ज्वालाजी, मां बज्रेश्वरी देवी और मां चामुंडा देवी मंदिर में सुबह 5 बजे से दर्शन करवाए जा रहे हैं। सुबह से ही मंदिर परिसरों में भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है। कई जगहों पर श्रद्धालुओं को कतार में लगकर माता के दर्शन करने पड़ रहे हैं। भीड़ ज्यादा होने के कारण मंदिर प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है।

 

मां ज्वालाजी मंदिर में मां के दर्शन करते श्रद्धालु।

सुख-समृद्धि और मनोकामना के लिए माता के दरबार पहुंच रहे श्रद्धालु

नवरात्र के दौरान पांचों प्रमुख शक्तिपीठों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना कर रहे हैं। कई भक्त नवरात्र के दौरान व्रत रखकर माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। मंदिरों में चल रहे धार्मिक कार्यक्रमों और भजन-कीर्तन से पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है।

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सुरक्षा के लिए 5 शक्तिपीठों में 1,200 से ज्यादा जवान तैनात

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रदेश के पांच प्रमुख शक्तिपीठों में नवरात्र के दौरान 1,200 से ज्यादा पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। मंदिर परिसरों और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा ड्रोन से भी भीड़ और आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।

 

मां नैना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करते पुजारी।

नैना देवी में 450 से ज्यादा जवान संभाल रहे जिम्मेदारी

श्री नैना देवी मंदिर में 450 से ज्यादा पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। ये जवान मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही और यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं। मां चिंतपूर्णी मंदिर में भी करीब इतनी ही संख्या में जवान सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। पांचों प्रमुख शक्तिपीठों में तैनात जवानों का मुख्य फोकस भीड़ को नियंत्रित करने, ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन करवाने पर है।

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