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June 23, 2026
हिमाचल: दिखने लगे बाथू की लड़ी के प्राचीन मंदिर, 9 महीनों तक रहते हैं पानी के अंदर- दिखने में आकर्षक
झील के बीच मंदिरों का नजारा बना आकर्षण
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कांगड़ा। पौंग बांध का जलस्तर लगातार कम होने के बाद हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर बाथू की लड़ी के प्राचीन मंदिर एक बार फिर पानी से बाहर दिखाई देने लगे हैं। करीब 9 महीने तक जलमग्न रहने के बाद मंदिरों के दोबारा नजर आने से श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और पर्यटकों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
पानी कम होने के साथ ही मंदिरों के मुख्य हिस्से अब साफ दिखाई देने लगे हैं। हालांकि अभी भी मंदिर परिसर के चारों तरफ पानी मौजूद है, जिस कारण लोग सीधे पैदल मंदिर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मोटरबोट के जरिए मंदिरों तक ले जाया जा रहा है, जहां लोग प्राचीन मंदिरों के दर्शन कर रहे हैं और इस खूबसूरत नजारे को अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं।
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पानी के बीच बने इन प्राचीन मंदिरों का दृश्य अपने आप में बेहद खास नजर आ रहा है। झील के बीचों-बीच खड़े मंदिर और चारों तरफ फैला पानी पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बना हुआ है। दूर-दूर से लोग यहां पहुंचकर इस अनोखी विरासत को देखने का आनंद ले रहे हैं।
बाथू की लड़ी को हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इन मंदिरों का निर्माण पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान करवाया था। यही कारण है कि इन मंदिरों से लोगों की आस्था भी जुड़ी हुई है।
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हर साल पौंग बांध में पानी का स्तर कम होने के बाद ये मंदिर कुछ समय के लिए दिखाई देने लगते हैं। जैसे-जैसे गर्मियों में पानी कम होता है, मंदिरों का ज्यादा हिस्सा बाहर आने लगता है। वहीं मानसून के दौरान बांध में पानी बढ़ने पर ये मंदिर दोबारा जलमग्न हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाथू की लड़ी के मंदिरों का बाहर आना हर साल एक खास मौका होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। लोग मंदिरों के दर्शन करने के साथ-साथ आसपास के प्राकृतिक नजारे का भी आनंद लेते हैं।
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क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और पर्यटन विभाग से मांग की है कि यहां आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए। लोगों का कहना है कि अगर यहां बैठने, सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जाए तो पर्यटन को और बढ़ावा मिल सकता है।
पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने भी इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में एक कर्मचारी तैनात किया गया है, जो लोगों को गहरे पानी में जाने से रोक रहा है और उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे पानी के बीच जाने का जोखिम न लें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।