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August 30, 2026

आस्था की अनोखी मिसाल: मन्नत पूरी हुई तो बांध लिए पैर; रेंगते हुए बाबा बालक नाथ के दर पहुंचा श्रद्धालु

लुधियाना के श्रद्धालु ने पैर बांधकर पूरी की कठिन यात्रा, देखते रह गए लोग

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baba balak nath

हमीरपुर। देवभूमि हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों और सिद्धपीठों में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के उदाहरण अक्सर सामने आते रहते हैं। कोई अपनी मनोकामना पूरी होने पर भगवान के दरबार में माथा टेकने पहुंचता है तो कोई कठिन संकल्प लेकर अपनी श्रद्धा प्रकट करता है। दियोटसिद्ध में रविवार को भी आस्था का ऐसा ही अनोखा नजारा देखने को मिला, जिसने मंदिर परिसर में मौजूद हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

 

पंजाब के लुधियाना से बाबा बालक नाथ के दरबार पहुंचे एक युवक ने अपनी मन्नत पूरी होने के बाद ऐसा संकल्प निभाया कि श्रद्धालु भी कुछ देर के लिए उसे देखते रह गए। युवक ने अपने दोनों पैर बांध लिए और गेट नंबर एक से बाबा बालक नाथ की गुफा तक छाती के बल रेंगते हुए पहुंचा।

पैर बांधकर शुरू की कठिन यात्रा

बताया जा रहा है कि लुधियाना निवासी युवक ने बाबा बालक नाथ के दरबार में अपनी मनोकामना पूरी होने पर विशेष संकल्प लिया था। जब उसकी मन्नत पूरी हुई तो उसने अपने संकल्प को पूरा करने का निर्णय लिया। रविवार को वह अपने दो साथियों के साथ दियोटसिद्ध पहुंचा। इसके बाद उसने गेट नंबर एक से अपनी कठिन यात्रा शुरू की। दोनों पैरों को बांधकर वह छाती के बल और हाथों के सहारे एक-एक सीढ़ी पार करता हुआ बाबा की गुफा की ओर बढ़ता रहा। रास्ता आसान नहीं था, लेकिन युवक ने बीच में हार नहीं मानी। वह लगातार आगे बढ़ता रहा।

 

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रास्ते में रुक गए श्रद्धालु, देखते रह गए लोग

युवक को इस तरह सीढ़ियों पर आगे बढ़ता देखकर मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में कौतूहल पैदा हो गया। कई लोग कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और उसकी आस्था को देखते रहे। युवक के दोनों साथी भी पूरी यात्रा में उसके साथ मौजूद रहे। जरूरत पड़ने पर उन्होंने उसका हौसला बढ़ाया और यात्रा पूरी करने में उसका साथ दिया। कठिन रास्ते और लंबी चढ़ाई के बावजूद युवक ने अपना संकल्प नहीं छोड़ा और धीरे-धीरे बाबा की गुफा तक पहुंच गया।

गुफा तक पहुंचकर टेका माथा

लंबी और कठिन यात्रा पूरी करने के बाद युवक बाबा बालक नाथ की गुफा तक पहुंचा। वहां उसने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और बाबा के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। मन्नत पूरी होने पर उसने बाबा का आभार जताया और अपने संकल्प को पूरा करने के बाद श्रद्धा व्यक्त की।

 

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दियोटसिद्ध में पहले भी सामने आते रहे हैं आस्था के अनोखे रंग

हिमाचल प्रदेश को यूं ही देवभूमि नहीं कहा जाता। प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों और शक्तिपीठों में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर पहुंचते हैं। किसी श्रद्धालु की भक्ति दान के रूप में सामने आती है तो कोई मनोकामना पूरी होने के बाद कठिन संकल्प लेकर भगवान के दरबार में पहुंचता है। कई श्रद्धालु पैदल लंबी यात्राएं तय करते हैं तो कुछ अपनी क्षमता के अनुसार विशेष धार्मिक संकल्प पूरे करते हैं। दियोटसिद्ध में लुधियाना के युवक की यह यात्रा भी इसी अटूट विश्वास की एक अलग तस्वीर बन गई।

 

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मंदिर अधिकारी ने दी जानकारी

मंदिर अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि लुधियाना से एक युवक अपने दो साथियों के साथ मन्नत पूरी होने पर दियोटसिद्ध पहुंचा था। युवक ने अपने संकल्प के अनुसार गेट नंबर एक से बाबा बालक नाथ की गुफा तक रेंगते हुए पहुंचकर दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद लिया। रविवार को युवक की यह कठिन यात्रा दियोटसिद्ध मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी रही। उसकी भक्ति का तरीका भले ही अनोखा था, लेकिन उसके पीछे अपने आराध्य के प्रति अटूट विश्वास और मन्नत पूरी होने के बाद संकल्प निभाने की भावना साफ दिखाई दी।

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