#राजनीति
November 26, 2025
विधानसभा विंटर सेशन का पहला दिन आज : सुक्खू सरकार को इन मुद्दों पर घेरेगा विपक्ष
सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा और इस दौरान कुल 8 बैठकें होंगी
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज धर्मशाला के तपोवन परिसर में शुरू होने जा रहा है। बीते कल धर्मशाला में CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस दल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में विपक्ष के सवालों के जवाब देने की रणनीति तैयार की गई।
आपको बता दें कि आज से लेकर आगामी 10 दिनों तक मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और विभागीय अधिकारी तपोवन से ही शासकीय कार्य निपटाएंगे। शीतकालीन सत्र को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। कुछ वरिष्ठ अधिकारी सोमवार को ही धर्मशाला पहुंच गए थे, जबकि शेष अधिकारी कल शाम तक पहुंच गए। सुरक्षा व्यवस्था, मीडिया प्रबंधन, वाहनों की आवाजाही, VIP मूवमेंट और स्थानीय परिवहन प्रणाली को ध्यान में रखते हुए पुलिस व प्रशासन ने अलग-अलग टीमें तैनात कर दी हैं।
सत्र की अवधि में सचिवालय शिमला में रोजमर्रा की भीड़भाड़ कम रहेगी, क्योंकि अधिकतर विभाग तपोवन में ही कैंप कार्यालय बनाकर कार्य करेंगे। इस बार का शीतकालीन सत्र अब तक का सबसे विस्तृत सत्र माना जा रहा है। सत्र 26 नवंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा और इस दौरान कुल 8 बैठकें होंगी।
सत्र के ठीक बाद सरकार 11 दिसंबर को मंडी जिले में आयोजित होने वाले उस बड़े आयोजन की तैयारियों में जुटेगी, जो मुख्यमंत्री सुक्खू के तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर होगा। सत्र की व्यस्तताओं के कारण तपोवन के आसपास सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है और स्थानीय प्रशासन ने पूरे शहर में ट्रैफिक प्रबंधन की नई रूपरेखा लागू की है।
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों दल विधायक दल की बैठक कर अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम स्वरूप देंगे। सत्ता और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस होने की पूरी संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा का यह सत्र राजनीतिक रूप से बेहद गर्म रहने वाला है।
विपक्ष ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि वह सत्र को सिर्फ औपचारिकता नहीं बनने देगा। विपक्ष कई विषयों को लेकर सदन में सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। सत्र के दौरान भाजपा विधायकों का फोकस मुख्य रूप से इन मुद्दों पर रहेगा-
वहीं, सरकार अपने तीन वर्षों के कामकाज को जोर-शोर से सामने रखने की योजना बना चुकी है। सरकार का कहना है कि आपदा राहत, वित्तीय सुधार, गारंटियां, ऊर्जा क्षेत्र में नीतिगत परिवर्तन, सड़कों के आधुनिकीकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। सत्ता पक्ष विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है और विभागवार डोज़ियर भी तैयार किए जा रहे हैं।
धर्मशाला का तपोवन मैदान अगले दस दिनों के लिए हिमाचल की राजनीति का केंद्र बनने वाला है। सुरक्षा, रणनीति, राजनीतिक बयानबाजी और सदन में होने वाली गर्मागर्म बहस-ये सभी मिलकर शीतकालीन सत्र को इस बार बेहद महत्वपूर्ण बना रहे हैं।